
भोपाल। पुलिस मुख्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में सोमवार को उत्तर पूर्वी पुलिस अकादमी के प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों ने मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा से भेंट की। इस दौरान डीजीपी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए आधुनिक पुलिस व्यवस्था के बारे में मार्गदर्शन दिया।
डीजीपी मकवाणा ने मध्यप्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली, तकनीक के बढ़ते उपयोग, सामुदायिक पुलिसिंग, साइबर अपराध की रोकथाम, नक्सल समस्या से निपटने, कानून-व्यवस्था प्रबंधन और पुलिस प्रशासन से जुड़े विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पूर्व डीजीपी के.एफ. रुस्तमजी के योगदान का उल्लेख करते हुए चंबल क्षेत्र में डकैत समस्या के उन्मूलन के लिए किए गए पुलिस प्रयासों की जानकारी भी साझा की।
उन्होंने मध्यप्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने की रणनीति, साम्प्रदायिक रूप से संवेदनशील जिलों में पुलिसिंग की आवश्यकताओं तथा सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर भी चर्चा की। नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन तथा ई-समन जैसी तकनीकी पहलों की जानकारी दी।
मकवाणा ने डायल-112, एफआरवी, सीसीटीएनएस और आईसीजेएस जैसी व्यवस्थाओं के साथ ई-ऑफिस के माध्यम से कागजरहित कार्यालयों की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। ई-एचआरएमएस के जरिए करीब एक लाख पुलिसकर्मियों का रिकॉर्ड डिजिटल किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि नशे और साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता अभियान तथा सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से जनता का विश्वास मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से लोगों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील और तत्पर रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर स्पेशल डीजी प्रशिक्षण रवि कुमार गुप्ता सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
