सतना: बांधवगढ़ के जंगल से भटककर बाणसागर डैम के तक़रीबन 5 किलोमीटर चैनल तैरकर गोरसरी गांव पहुंचे जंगली हाथी ई-फाइव को काबू में करने के लिए वन विभाग और रेस्क्यू टीम की मशक्कत लगातार जारी है. गोरसरी गांव में घुसे जंगली हाथी को 18 दिन बीत चुके हैं लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद रेस्क्यू दल को अब तक सफलता नहीं मिल सकी है.
बांधवगढ़ से भटककर गोरसरी गांव में घुसे हाथी की मौजूदगी से गोरसरी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को रात के समय सतर्क रहने और घरों में सुरक्षित रहने की सलाह दी जा रही है. वन विभाग का अमला हाथी की हर मूवमेंट पर ट्रैकिंग टीमों के जरिए नजर बनाए हुए है रात होते ही रेस्क्यू टीम और अमरपाटन रेंज के वन कर्मियों द्वारा ई- फाइव को सुरक्षित रेस्क्यू किए जाने का प्रयाश लगातार किया जा रहा है.
लेकिन ख़राब मौसम और पहाड़ी क्षेत्र रेस्क्यू टीम के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं हलाकी जंगली हाथी से किसानों की फ़ंसले बचाने और जनहानि ना हो इसके लिए सैकड़ों वनकर्मियों को हाथी को खेतों और गांव से बाहर खदेड़ने के लिए लगाया गया है ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी तरह की जनहानि या जानमाल का नुकशान ना हो. जंगली हाथी ई- फ़ाइव के रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज़ी देने बांधवगढ़ से छः कुमकी हाथियों को भेजा गया है जो गोरसरी पहाड़ के आस पास भटक रहे जंगली हाथी को घेर कर रेस्क्यू करने में रेस्क्यू टीम की मदद करेंगे
मौसम और पहाड़ी बनी बाधा
डीएफओ मैहर विद्या भूषण मिश्रा ने बताया की तीन दिन से लगातार ख़राब मौसम, बारिश और पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से जंगली हाथी ई- फाइव को रेस्क्यू करने में समस्याएं आ रही हैं लेकिन किसी तरह के जानमाल का नुकसान ना हो इसके लिए हमारी टीमें लगातार हाथी पर नज़र बनाये हुए हैं जल्द ही हाथी को रेस्क्यू भी कर लिया जायेगा।
