भोपाल। भोपाल केंद्रीय जेल में बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर 15 सितंबर को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं परामर्श शिविर आयोजित किया गया। शिविर महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं डॉ. वरुण कपूर के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
यह पहल मध्य प्रदेश जेल विभाग और गुजरात के गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के बीच हाल ही में हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत की जा रही गतिविधियों का हिस्सा है।
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के फोरेंसिक मनोवैज्ञानिक ओम तिवारी ने बंदियों से संवाद कर मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, मनोवैज्ञानिक तनाव तथा इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बंदियों से व्यक्तिगत बातचीत कर उनकी मानसिक एवं व्यक्तिगत समस्याओं को समझा तथा आवश्यकता के अनुसार परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान किया।
शिविर में बंदियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित अपनी चिंताएं और सवाल विशेषज्ञ के समक्ष रखे। ओम तिवारी ने उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और आवश्यक परामर्श दिया।
जेल विभाग द्वारा बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहार सुधार और पुनर्वास पर विशेष ध्यान देते हुए इस तरह की पहल की जा रही है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के साथ एमओयू के माध्यम से जेलों में बंदियों को विशेषज्ञ सेवाएं एवं परामर्श उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
भोपाल केंद्रीय जेल के अधीक्षक मनेंद्र परिहार सहित जेल विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
