बेंगलुरु, (वार्ता) आगामी विधानसभा चुनावों से पूर्व संगठन में बेहतर समन्वय बनाने के मकसद से कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बुधवार को बेंगलुरु पहुंचकर मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें कीं।
सर्वश्री वेणुगोपाल और सुरजेवाला ने दिन की शुरुआत प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में नवनियुक्त जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ बैठक करके की, जिसके बाद राज्य के शीर्ष नेताओं के साथ बंद कमरे में विस्तृत चर्चा हुई। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राज्य इकाई में लंबित संगठनात्मक नियुक्तियों और खाली पड़े मंत्री पदों को लेकर असंतोष पनप रहा है। साथ ही वरिष्ठ नेताओं के बीच के मतभेद खुले तौर पर राजनीतिक चर्चा का विषय बन चुके हैं। नयी विधानसभा के चुनाव वर्ष 2028 में कराए जायेंगे।
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने इन बैठकों के राजनीतिक निहितार्थों को खारिज करते हुए कहा कि आलाकमान के नेता केवल नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को मार्गदर्शन देने आए थे। उन्होंने मीडिया से कहा, “हमारे सभी नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है। उन्हें भविष्य की दिशा तय करने और मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से ही यह बैठक बुलाई गई थी।”
दूसरी तरफ, विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने सत्तारूढ़ दल को अलग-अलग गुटों में बंटी पार्टी करार दिया। विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, केपीसीसी अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद और मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार अलग-अलग दिशाओं में जा रहे हैं और मुख्यमंत्री अपनी ही पार्टी में अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं।
