इंदौर: शहर के कई क्षेत्र दूषित पेयजल और पानी की किल्लत की समस्या से प्रभावित हैं, जिससे भागीरथपुरा जैसी पुरानी घटनाओं का डर फिर से गहरा गया है. नलों में काला, बदबूदार और सीवरेज मिला हुआ पानी आ रहा है. लोग निजी टैंकरों और आसपास के क्षेत्रों से पानी लाकर गुजारा करने को मजबूर हैं, लोगों में बीमारियों के फैलने की दहशत बनी हुई है.
ऐसा ही मामला वार्ड क्रमांक 26 के पाटनीपुरा के गीता चौक क्षेत्र की नंदराम बनिए की चाल और फूल सिंह जमादार की चाल क्षेत्र में सामने आया है. यहां की गलियों में रहवासी लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं. क्षेत्र में कभी तो पानी आता ही नहीं और जब सप्लाई होती है तो पानी इतना दूषित होता है कि उसका उपयोग करना मुश्किल हो जाता है. रहवासियों के अनुसार, यहां सड़क निर्माण से पहले भी क्षेत्र में दूषित पानी की समस्या बनी हुई थी. बाद में सड़क के निर्माण के दौरान सीवरेज लाइन को भी बदला गया, लेकिन इसके बावजूद दूषित पानी की समस्या खत्म नहीं हुई. समस्या को लेकर रहवासियों द्वारा कई बार संबंधित विभाग में शिकायत की गई. इस पर विभाग की ओर से पानी के सैंपल लेकर जांच भी की गई, लेकिन जांच और शिकायतों के बाद भी हालात में कोई बदलाव नहीं आया. रहवासी साफ और पर्याप्त पानी की नियमित सप्लाई की मांग कर रहे हैं.
यह बोले रहवासी…
अगर पानी आता है तो दो-पांच मिनट नल चलते हैं, उसमें भी पूरी तरह से गंदा पानी आता है. क्षेत्र के बोरिंग से जैसे-तैसे पानी की पूर्ति करना पड़ती है.
– देव कुमारी
दो वर्षों से हम लोग दूषित और पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं. कई बार शिकायत की, यहां तक कि सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई, लेकिन कोई निराकरण नहीं हुआ.
– पिंकी सूर्यवंशी
पानी की परेशानी तो कई सालों से उठा रहे हैं, कोई पूछने नहीं आता. क्षेत्र का बोरिंग खराब हो जाता है तो कई दिनों तक टंकी से या आसपास के क्षेत्रों से पानी लाना पड़ता है.
– तारा बाई
