अमोनियम नाइट्रेट की ऑनलाइन बिक्री पर डायल4ट्रेड पर 10 लाख रुपये का जुर्माना

नयी दिल्ली, 02 सितंबर (वार्ता) केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म डायल4ट्रेड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड पर अमोनियम नाइट्रेट की अनिवार्य नियामकीय सुरक्षा उपायों के बिना ऑनलाइन लिस्टिंग, होस्टिंग, विज्ञापन और बिक्री की सुविधा देने के मामले में 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

केंद्रीय उपभोक्ता, कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली मंत्रालय ने आज बताया कि सीसीपीए ने कंपनी को अपने प्लेटफॉर्म पर अमोनियम नाइट्रेट अथवा विस्फोटक अधिनियम, 1884 के तहत विस्फोटक के रूप में वर्गीकृत किसी अन्य पदार्थ की लिस्टिंग, होस्टिंग, विज्ञापन या बिक्री तत्काल बंद करने का निर्देश भी दिया है। यह आदेश उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 10, 20 और 21 के तहत पारित किया गया है।

उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सीसीपीए ने पाया कि प्लेटफॉर्म पर अमोनियम नाइट्रेट को आवश्यक सुरक्षा उपायों के बिना बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया था। इनमें विक्रेता के वैध पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) लाइसेंस का विवरण उपलब्ध कराना, खरीद से पहले खरीदार की पहचान और लाइसेंस की स्थिति का सत्यापन, लेन-देन की अनुरेखणीयता सुनिश्चित करना तथा पदार्थ के कब्जे और उपयोग से जुड़े कानूनी प्रतिबंधों एवं अनधिकृत कब्जे के परिणामों की चेतावनी देना शामिल है। संबंधित ऑनलाइन लिस्टिंग में विस्फोट और उसके प्रभावों को दर्शाने वाले चित्र भी लगाये गये थे। सीसीपीए ने कहा कि ऐसे चित्र पदार्थ की खतरनाक और विनियमित प्रकृति के बारे में चेतावनी देने के बजाय लोगों का ध्यान उत्पाद की ओर आकर्षित कर सकते हैं।

प्राधिकरण ने कहा कि डिजिटल मार्केटप्लेस पर उपलब्ध करायी गयी और इंटरनेट के माध्यम से जनता तक पहुंचाई गई उत्पाद सूची उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत विज्ञापन की परिभाषा में आती है। किसी विनियमित विस्फोटक पदार्थ को सामान्य उपभोक्ता उत्पाद की तरह बिक्री के लिए प्रस्तुत करना और उसकी वैध खरीद के लिए आवश्यक लाइसेंस की जानकारी नहीं देना भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है। डायल4ट्रेड ने खुद को बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) मार्केटप्लेस मध्यस्थ बताते हुए तीसरे पक्ष के विक्रेताओं की लिस्टिंग के लिए जिम्मेदारी से इनकार किया, लेकिन सीसीपीए ने इस तर्क को खारिज कर दिया।

प्राधिकरण ने पाया कि प्लेटफॉर्म पर कम मात्रा में भी खरीद की अनुमति थी और न्यूनतम ऑर्डर मात्रा अथवा संस्थागत खरीदारों के सत्यापन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। सीसीपीए ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 मार्केटप्लेस ई-कॉमर्स संस्थाओं पर लागू होते हैं, चाहे उनका कारोबारी मॉडल किसी भी रूप में बताया गया हो। प्राधिकरण ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 79 के तहत उपलब्ध मध्यस्थ सुरक्षित आश्रय के दावे की भी जांच की और कहा कि यह संरक्षण निर्धारित उचित सावधानी संबंधी आवश्यकताओं के अनुपालन पर निर्भर करता है। सीसीपीए के अनुसार, खतरनाक और विनियमित पदार्थों के मामले में केवल शिकायत या जानकारी मिलने के बाद लिस्टिंग हटाने की प्रतिक्रियात्मक व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।

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