तेहरान, 31 अगस्त (वार्ता) ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि अमेरिका-इजरायल के हमलों में ईरान के खार्ग द्वीप को कई बार निशाना बनाया गया, लेकिन इन हमलों से वहां तेल उत्पादन प्रभावित नहीं हुआ है।
ईरान की राष्ट्रीय तेल कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उन टिप्पणियों के जवाब में यह बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि खार्ग द्वीप को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है।
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने अधिकारी के हवाले से ट्रंप की टिप्पणी को हास्यास्पद बताते हुए कहा, “इस समय कई ठेकेदार भंडारण टैंकों के पुनर्निर्माण और मरम्मत का काम कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि खार्ग द्वीप पर चल रहा कोई भी काम बंद नहीं हुआ है। कुछ परियोजनाएं अभी 20 से 30 प्रतिशत तक पूरी हुई हैं और उन पर काम लगातार जारी है।
खार्ग द्वीप ईरान के लिए महत्वपूर्ण तेल केंद्र है और वहां तेल भंडारण तथा निर्यात से जुड़ी प्रमुख सुविधाएं मौजूद हैं। ईरान के अधिकारी का बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है।
इससे पहले अमेरिकी बलों ने रविवार रात को ईरान के लारक द्वीप पर दो प्रक्षेपण केंद्रों को निशाना बनाया था। अमेरिकी समाचार वेबसाइट एक्सियोस ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि जुलाई के अंत के बाद ईरानी क्षेत्र पर अमेरिका की ओर से यह पहला हमला था।
इसके जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने कहा कि उसने मिसाइलों और ड्रोन के जरिए संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
खार्ग द्वीप पर हमलों को लेकर ईरान की ओर से आया ताजा बयान ऐसे समय महत्वपूर्ण है जब क्षेत्रीय संघर्ष का असर तेल आपूर्ति और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है। ईरान पहले भी अपने तेल प्रतिष्ठानों और ऊर्जा ढांचे पर हमलों के बावजूद उत्पादन एवं निर्यात गतिविधियां जारी रखने का दावा करता रहा है।
