
ओंकारेश्वर, ओंकारेश्वर से सनावद जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। इस पूरी सड़क पर वर्तमान में इतने अधिक गड्ढे हो चुके हैं कि यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों के बीच कहीं सड़क बची है। पवित्र नगरी आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय वाहन चालकों को हर कदम पर जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।बारिश के मौसम में स्थिति और भी ज्यादा भयावह हो गई है। सड़क के इन बड़े-बड़े गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी दुपहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ रही है।
जब भी कोई बड़ा वाहन इन पानी से भरे गड्ढों से गुजरता है, तो गंदा पानी उछलकर पास से गुजरने वाले अन्य राहगीरों पर गिरता है, जिससे लोगों के कपड़े और गाड़ियां खराब हो रही हैं।प्रशासन की चुप्पी पर सवालपग-पग पर बने इन गड्ढों के कारण वाहनों के साथ-साथ चालकों की सेहत भी खराब हो रही है। कमर दर्द और गाड़ियों के डैमेज होने की शिकायतें आम हो चुकी हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं, लेकिन लोक निर्माण विभाग और शासन इस गंभीर समस्या को लेकर पूरी तरह लापरवाह बने हुए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मार्ग की सुध कब लेता है और जनता को इस नरकीय सफर से कब मुक्ति मिलती है।
