
विंध्य की डायरी
डा. रवि तिवारी
विंध्य में भारी बारिश पिछले एक सप्ताह से हो रही है, जलभराव से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित है. चित्रकूट में मंदाकिनी रौद्र रूप में रही, जिससे समूचे चित्रकूट में बाढ़ का तांडव देखने को मिला. रामघाट का पुल बह गया, हाइवे पूरी तरह से कट गया और कई परिवारों की गृहस्थी बह गई. हालात बिगडऩे पर सेना को बुलाना पड़ा. एसडीईआरएफ-एनडीआरएफ ने मोर्चा सम्भाला. पानी के प्रचंड बेग ने सब कुछ नष्ट कर दिया. वर्ष 2016 के बाद प्रलयकारी बाढ़ चित्रकूट में देखने को मिली. राहत बचाव कार्य के बीच सैकड़ो लोगो को सुरक्षित बचाया गया, समूचा चित्रकूट टापू बन गया है. मंदाकिनी अपने खतरे के निशान से ऊपर बही, अब सवाल यह उठता है कि बाढ़ के कारण को क्या खोजा जाएगा और ऐसी आपदा से निपटने के लिये कोई एक्शन प्लान बनाया जाएगा. बाढ़ के हालात को देखते हुए प्रदेश के मुखिया डा. मोहन यादव सभी कार्यक्रम निरस्त करते हुए दिल्ली से सीधे शनिवार की रात रीवा पहुंचे और रात में ही बाढ़ की समीक्षा की और सुबह चित्रकूट पहुंचकर जायजा लिया. साथ ही बाढ़ पीडि़त लोगो से शिविर में मिलकर ढ़ाढ़स बंधाया और कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है. अतिवृष्टि से सीधी-सिंगरौली एनएच-39 पर यातायात बंद हो गया. खाखन पुल के ऊपर पानी बहने से आवाजाही बंद हो गई है. 13 साल से निर्माणाधीन हाइवे का पुल आज तक नही बन पाया. अधूरा पुल होने के कारण पुराने पुल से आवागमन हो रहा था लेकिन पानी में वह भी डूब गया. रीवा में भी जलभराव की स्थित बनी हुई है.
पापा मुझे बचा लो यह लोग मुझे मार डालेगें

रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में जननी की गंूजी चीख-पुकार हमेशा-हमेशा के लिये खामोश हो गई और अब सियासत शुरू हो गई है. सक्षम लोगों का एक बड़ा वर्ग इस मामले को दबाने में सक्रिय हो गया है. चिकित्सा जगत के स्थानीय संगठन भी अपनी एकजुटता का संदेश देना शुरू कर दिया है. बावजूद इसके लोगो के मोबाइल फोन में गंूज रही जननी की चीख अव्यवस्था के अमानवीय चेहरों को उजागर कर रही है. स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पहले भी कई जान ले चुकी है. आखिर इसका जिम्मेदार कौन है? जांच रिपोर्ट सब फाइलों में दम तोड़ देती है. बैकुण्ठपुर निवासी कल्पना मिश्रा को प्रसव के लिये गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहा घोर लापरवाही ने जच्चा-बच्चा की जान ले ली. कल्पना का वीडियो वायरल हुआ उसके देख और सुनकर हर कोई भावुक हो गया. कल्पना अपनी जान बचाने की गुहार लगा रही थी. पापा मुझे यहां से ले चलो मुझे यहां इलाज नही कराना, मुझे यह लोग मार डालेगें….. मौत के मुहाने पर खड़ी एक गर्भवती बेटी की यह आखिरी चीखें और उसे सात्वना देते बेवश पिता का वीडियो हर किसी की रूह कपा दिए. पिता ने डाक्टरों को भगवान मान कर अपनी लाड़ली को समझाया कि कुछ नही होगा, बेटी इलाज करा लो. लेकिन कुछ देर बाद पिता को बेटी की लाश मिली, जच्चा-बच्चा दुनिया में नही रहे. भारी हंगामा और आक्रोश के बीच दो महिला डाक्टर निलंबित और राज्य स्तरीय टीम मामले की जांच कर रही है. इस बीच कांग्रेस ने भी स्वास्थ्य मंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए इस्तीफा मांगा है.
पंगा लेना टीआई को पड़ा मंहगा
प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप के खिलाफ प्रदेश भर में अभियान चलाया जा रहा है. रीवा में भी आईस्क्रीम ठेले में दिनदहाड़े प्रतिबंधित कफ सिरप पकड़ी गई, उसके बाद हंगामा शुरू हो गया. कार्यवाही की कीमत सिविल लाइन थाना प्रभारी को चुकानी पड़ी. कार्यवाही के विरोध में सिविल लाइन थाने भाजपा व्यापारी संघ के नेता बंशीलाल साहू पहुंचे और थाने के बाहर धरने पर बैठ गये. इस बीच गुस्से में टीआई विजय सिंह बघेल और नेता बंशीलाल साहू के बीच तीखी बहस हुई. टीआई ने आपा खोते हुए भला बुरा कह दिया, सिंघम छवि में आए टीआई साहब एफआईआर दर्ज करने तक की धमकी दे डाली. फिर क्या था तेजी से वीडियो वायरल हुआ जिसके बाद शहर के व्यापारी लामबंद होकर आईजी से न्याय की गुहार लगाई. मामला तूल पकड़ते ही टीआई साहब को एसपी ने लाइन अटैच कर दिया. एक भाजपा नेता से पंगा लेना टीआई साहब को मंहगा पड़ गया.
