इंदौर: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर आईआईटी इंदौर में रविवार को संवर्धन शैक्षणिक उत्कृष्टता से सतत कल्याण की ओर’ विषय पर दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ. शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम एमएमटीटीपी के तहत आयोजित कार्यशाला में मध्य एवं पश्चिमी क्षेत्र के उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं.
कार्यशाला 30 और 31 अगस्त को आयोजित की जा रही है. गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, पंजाब और मध्य प्रदेश के संस्थानों से आए प्रतिभागी विद्यार्थी कल्याण, सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य, मानसिक सुदृढ़ता और बेहतर कैंपस वातावरण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं. कार्यशाला का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में स्वस्थ, सहयोगात्मक और परस्पर जुड़े वातावरण के निर्माण के लिए संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करना है. उद्घाटन सत्र में आईआईटी इंदौर के कार्यवाहक निदेशक प्रो. श्रीवत्सन वासुदेवन, उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक देवेंद्र कुमार शर्मा ऑनलाइन, इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड लाइफ स्किल्स प्रमोशन, नई दिल्ली के प्रभारी निदेशक एवं एक्सप्रेशंस इंडिया के निदेशक डॉ. जितेंद्र नागपाल तथा यूजीसी के संयुक्त सचिव डॉ. जितेंद्र त्रिपाठी सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे.
कार्यशाला में संस्थानों के मनोसामाजिक परिदृश्य, विद्यार्थी कल्याण पहल, सामाजिक जुड़ाव, शुरुआती चेतावनी संकेतों की पहचान, जीवन-कौशल आधारित सहपाठी मार्गदर्शन और जीवनशैली संबंधी समस्याओं की रोकथाम पर सत्र हो रहे हैं. दूसरे दिन विशिष्ट अध्ययन अक्षमताओं, मादक पदार्थों की रोकथाम, छात्रावास व्यवस्था और मार्गदर्शन नेटवर्क पर चर्चा होगी. समापन चरण में सहभागी संस्थान विद्यार्थी कल्याण से जुड़ी कार्ययोजनाएं तैयार करेंगे. कार्यशाला में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, सुदृढ़ता और समग्र विकास के लिए अनुकूल संस्थागत वातावरण विकसित करने पर जोर दिया गया.
