नागपुर, 30 अगस्त (वार्ता) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के हिंदुत्व पर दिये हालिया बयान का समर्थन करते हुए कहा है कि सहिष्णुता, स्वीकार्यता और समावेशिता ही हिंदू दर्शन के मौलिक मूल्य हैं।
न्यूयॉर्क में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान श्री भागवत के दिये बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री फड़णवीस ने रविवार को कहा कि हिंदू धर्म हजारों वर्षों से इसलिए अस्तित्व में है, क्योंकि यह विविधता का सम्मान करता है तथा विभिन्न आस्थाओं एवं संस्कृतियों के लोगों को स्वीकार करता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदुत्व किसी भी समुदाय के प्रति नफरत नहीं सिखाता, बल्कि सहअस्तित्व और पारस्परिक सम्मान का समर्थन करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने ऐतिहासिक रूप से दुनिया भर के पीड़ित समुदायों को शरण दी है और उन्हें समाज में एकीकृत किया है, जो हिंदू सभ्यता की समावेशी प्रकृति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व का दर्शन इस विश्वास में निहित है कि मानवता एक है और अलग-अलग रास्ते एक ही सत्य की ओर ले जा सकते हैं।
श्री भागवत ने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में ‘वन वर्ल्ड वन ह्यूमैनिटी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि जो व्यक्ति भारत में मुसलमानों के न होने की कामना करता है, उसे सच्चा हिंदू नहीं माना जा सकता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हिंदू विचार सार्वभौमिक बंधुत्व और सभी समुदायों की स्वीकार्यता पर आधारित है।
श्री फड़णवीस की यह टिप्पणी श्री भागवत के उस बयान पर जारी राजनीतिक बहस के बीच आयी है, जिस पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
