रांची, झारखंड की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित धांधली की जांच कर रही सीआईडी के सामने मुख्य आरोपी अभय कुमार तिवारी ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, तिवारी ने पूछताछ में दावा किया है कि वर्ष 2026 की सीडीपीओ भर्ती परीक्षा में सामान्य वर्ग की सीटों पर पैसे लेकर दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों को चयनित कराने की पूरी सेटिंग की गई थी। इसके लिए प्रति अभ्यर्थी 10 से 15 लाख रुपये तक की भारी रकम तय की गई थी।
साक्षात्कार बोर्ड और बिचौलियों की भूमिका
आरोपी अभय तिवारी, जो आउटसोर्सिंग एजेंसी ‘टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड’ में मार्केटिंग मैनेजर रह चुका है, उसने जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते और तत्कालीन सदस्य अजीता भट्टाचार्य की संलिप्तता का भी दावा किया है। उसने कुछ विशिष्ट अभ्यर्थियों के नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इंटरव्यू बोर्ड में सेटिंग करके रामवीर सिंह और कृष्णा जैसे बिचौलियों के माध्यम से यह पूरा खेल चलाया गया था।
जांच का दायरा और डिजिटल साक्ष्य
सीआईडी ने इस मामले में पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है और अन्य आरोपियों से भी पूछताछ की जा रही है। वर्तमान में जांच एजेंसी इन बयानों की कानूनी पुष्टि के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स, बैंक खातों के लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है, जिससे इस बड़े घोटाले में कई और नए चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।

