नई दिल्ली, भारत द्वारा अगले महीने आयोजित होने वाले ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन से पहले कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल सोमवार को चीन के दौरे पर रवाना हो रहे हैं, जहां वे अपने चीनी समकक्ष वांग यी और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और आपसी सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है।
सीमा वार्ता और आपसी रिश्ते
इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधि स्तर की 25वें दौर की बैठक मंगलवार को आयोजित होगी। वर्ष 2003 में स्थापित इस विशेष प्रतिनिधि तंत्र का उद्देश्य लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवादों का समाधान निकालना है। पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर पिछले कुछ वर्षों के गतिरोध के बाद, दोनों पक्षों ने आपसी रिश्तों को पटरी पर लाने और तनाव कम करने के लिए कई सकारात्मक कदम उठाए हैं।
शी जिनपिंग के संभावित दौरे की चर्चा
विशेषज्ञों का मानना है कि एनएसए अजीत डोभाल की यह उच्च स्तरीय यात्रा आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए माहौल तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगी। ऐसी प्रबल संभावनाएं हैं कि इस अहम सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले महीने दिल्ली आ सकते हैं। दोनों देशों के बीच बेहतर संवाद से क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

