ग्वालियर:बंद पड़ी कैलारस शुगर मिल को फिर से चालू करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इस संबंध में एमएसएमई विभाग ने रुचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की है। एमएसएमई विभाग के आयुक्त दिलीप कुमार ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि आन लाइन प्रस्ताव 15 सितम्बर तक आमंत्रित किए गए हैं और उन्हें अगले दिन 16 सितंबर को खोला जाएगा।मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय के तहत कैलारस चीनी मिल की भूमि एमएसएमई विभाग को हस्तांतरित कर दी गई थी।मुख्यमंत्री डॉ यादव और राज्य सरकार का उद्देश्य इस मिल के पुनरुद्धार से क्षेत्र में रोजगार, औद्योगिक गतिविधि और स्थानीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
उन्होंने बताया कि अब सरकार मिल को जैसी है, जहां है के आधार पर लीज पर देने जा रही है। इच्छुक प्रस्ताव दाता 31 अगस्त और 01 सितंबर को सुबह 11 बजे से मिल की साइट विजिट कर सकते है। अभिव्यक्ति की परी मीटिंग 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे से विंध्याचल भवन भोपाल स्थित चौथी मंजिल मीटिंग हॉल में होगी। इच्छुक जन इस संबंध में लिखित प्रश्न आदि 7 सितंबर शाम 5 बजे तक पूछ सकेंगे। रुचि की अभिव्यक्ति जमा करने की अंतिम तिथि 15 सितम्बर शाम 5 बजे रखी गई है। अगले दिन 16 सितंबर को प्रस्ताव शाम 5 बजे खोले जाएंगे।
एमएसएमई आयुक्त सिंह ने बताया कि कैलारस शुगर मिल कैलारस, जिला मुरैना में हाईवे-552 पर, कैलारस रेलवे स्टेशन से 3 किमी से कम दूरी पर स्थित है।मिल की क्षमता 1,250 प्रतिदिन गन्ना पेराई क्षमता है।मिल की संपत्तियां में फैक्ट्री बिल्डिंग, प्लांट-मशीनरी, गोदाम, वर्कशॉप और 12.86 हेक्टेयर भूमि है। उन्होंने बताया कि लीज अवधि 30 वर्ष होगी और संतोषजनक कार्य के आधार पर यह अवधि बढ़ाई जा सकेगी।
