इंदौर: यातायात नियमों का उल्लंघन या लापरवाही से वाहन चलाने के कारण ड्राइविंग लाइसेंस गंवा चुके वाहन चालकों के लिए राहत की खबर है. परिवहन विभाग अब ऐसे चालकों को सुधार का एक मौका देने की तैयारी में है. निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने और अधिकृत ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से प्रशिक्षण लेने के बाद पात्र मामलों में निरस्त लाइसेंस की बहाली पर विचार किया जा सकेगा.
शहर में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन, लापरवाही से वाहन चलाने और अन्य अनियमितताओं के मामलों में ट्रैफिक पुलिस की अनुशंसा पर बड़ी संख्या में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए जाते हैं. अब विभाग कार्रवाई के साथ चालकों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति दोबारा प्रशिक्षित करने पर भी जोर दे रहा है.
पहले प्रशिक्षण, फिर होगी रिकॉर्ड की जांच
इंदौर एआरटीओ राजेश गुप्ता ने बताया कि लाइसेंस बहाली के इच्छुक चालक को पहले अधिकृत ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से प्रशिक्षण लेना होगा. प्रशिक्षण के दौरान चालक को यातायात नियमों, सुरक्षित ड्राइविंग और सड़क सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी जाएगी. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद आरटीओ चालक के मामले की जांच करेगा. इसमें अपराध की प्रकृति, घटना की परिस्थितियां और पूर्व रिकॉर्ड देखा जाएगा. जो प्रकरण क्षमायोग्य पाए जाएंगे, उनमें निर्धारित प्रक्रिया के तहत लाइसेंस बहाली पर निर्णय लिया जा सकेगा.
सिर्फ ट्रेनिंग से लाइसेंस वापस नहीं होगा
विभाग की इस पहल का मतलब यह नहीं है कि प्रशिक्षण लेने वाले हर चालक का लाइसेंस स्वत: बहाल हो जाएगा. आरटीओ संबंधित अपराध और चालक के रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद ही तय करेगा कि मामला क्षमादान और बहाली के योग्य है या नहीं. गंभीर मामलों में राहत नहीं मिलने की संभावना भी रहेगी.
कार्रवाई के साथ सुधार पर फोकस
परिवहन विभाग की इस पहल को नियम तोड़ने वाले चालकों को दूसरा मौका देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. विभाग का उद्देश्य ऐसे चालकों को दोबारा सड़क पर उतारने से पहले यह सुनिश्चित करना है कि वे यातायात नियमों और सुरक्षित ड्राइविंग की जिम्मेदारी को समझें.
