
ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय की प्राणिकी, वानस्पतिकी एवं सूक्ष्मजैविकी अध्ययनशालाओं के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में तीनों अध्ययनशालाओं के स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं के नवप्रवेशित तथा पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु डॉ. राजकुमार आचार्य ने की। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता का मार्ग संघर्ष और निरंतर परिश्रम से ही प्रशस्त होता है। विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन, समर्पण और कठिन मेहनत के साथ आगे बढ़ना चाहिए, तभी वे अपने जीवन में सर्वोच्च उपलब्धियां प्राप्त कर सकेंगे।
विशिष्ट अतिथि छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो.जे.एन.गौतम ने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए संचालित विभिन्न शैक्षणिक एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।प्रोक्टर प्रो.एस.के.सिंह ने रैगिंग के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को रैगिंग से दूर रहने का संदेश दिया तथा सभी को रैगिंग मुक्त परिसर बनाए रखने की शपथ दिलाई।
राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ.हरीशंकर कंसाना ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए इसके सामाजिक एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी महत्व की जानकारी दी।वानस्पतिकी अध्ययनशाला के विभागाध्यक्ष प्रो. एम.के. गुप्ता एवं प्राणिकी अध्ययनशाला के विभागाध्यक्ष डॉ. सपन पटेल ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए अध्ययनशालाओं की शैक्षणिक गतिविधियों, अनुसंधान की संभावनाओं तथा अध्ययन पद्धति से परिचित कराया।प्रो.महेंद्र गुप्ता ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), पाठ्यक्रम संरचना, क्रेडिट प्रणाली एवं अकादमिक प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देकर विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।कार्यक्रम में तीनों अध्ययनशालाओं के अतिथि शिक्षक, विभागीय कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ.सपन पटेल एवं आभार डॉ.सुशील मंडेरिया ने व्यक्त किया।
