अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए पटवारी, बस्ते जमा कर सौंपा आवेदन, राजस्व कार्य होंगे प्रभावित

नीमच। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर सोमवार से जिले सहित पूरे प्रदेश के पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। आंदोलन के तहत पटवारियों ने संबंधित तहसीलों में एकत्र होकर तहसीलदारों को हड़ताल का आवेदन सौंपा तथा अपने शासकीय बस्ते जमा कर दिए। संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी लंबित मांगों पर सरकार लिखित आश्वासन या ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक नियमित राजस्व कार्य नहीं किए जाएंगे।

पटवारी संघ लंबे समय से पदोन्नति, कैडर रिव्यू सहित विभिन्न मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहा था। पिछले करीब 15 दिनों से पटवारी काली पट्टी बांधकर कार्य कर रहे थे। इसके बाद सामूहिक अवकाश सहित अन्य विरोध कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, लेकिन शासन स्तर पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर भोपाल में आयोजित प्रांतीय बैठक में 3 अगस्त से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया गया।

सोमवार को जिले की विभिन्न तहसीलों में पटवारियों ने तहसीलदारों को ज्ञापन और हड़ताल का आवेदन सौंपते हुए सरकारी बस्ते जमा कर दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए है। संघ का कहना है कि वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत रहने के बावजूद उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाया, जबकि अन्य कर्मचारी संवर्गों में समय-समय पर पदोन्नति होती रही है।

पटवारी संघ के अनुसार कैडर रिव्यू लागू होने से पदोन्नति के अवसर बढ़ेंगे और सेवा संरचना में सुधार होगा। इसी कारण कैडर रिव्यू और प्रमोशन की मांग आंदोलन का प्रमुख मुद्दा है। संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।

पटवारियों की हड़ताल का सीधा असर राजस्व विभाग से जुड़े कार्यों पर पड़ेगा। नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, फसल गिरदावरी, भू-अभिलेख संबंधी कार्य, विभिन्न प्रमाण-पत्रों के लिए आवश्यक प्रतिवेदन, भूमि विवादों की जांच, प्राकृतिक आपदा में फसल नुकसान का सत्यापन तथा शासन की विभिन्न योजनाओं से जुड़े मैदानी सत्यापन जैसे कार्य प्रभावित हो सकते हैं। हड़ताल लंबी चलने की स्थिति में लंबित प्रकरणों का बैकलॉग बढऩे की आशंका भी जताई जा रही है।

संघ पदाधिकारियों का कहना है कि कई बार शासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि सरकार शीघ्र वार्ता कर मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती है तो आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा, अन्यथा अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।

सोमवार से शुरू हुई इस हड़ताल के बाद जिले में राजस्व व्यवस्था पर व्यापक असर पडऩे की संभावना है। आम नागरिकों के भूमि संबंधी कार्यों में भी देरी हो सकती है।

Next Post

शहर के बाजार में जगह-जगह लगा पशुओं का जमघट

Mon Aug 3 , 2026
झाबुआ। शहर के मुख्य बाजारों के साथ कॉलोनियों और गली-मोहल्लों में भी इन दिनों पशुओं की संख्या यकायक बढ़ गई है। पशु शहर में बाजार और गली मोहल्लों में विचरण करते हुए जगह-जगह झुंड बनाकर बैठने से यातायात को बाधित कर रहे है। राहगीरों और वाहन चालकों के लिए भी […]

You May Like