सीहोर। सरगम के साथी क्लब के तत्वावधान में स्वर सम्राट मोहम्मद रफी की 46 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित संगीतमयी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में रफी साहब के अमर गीतों की स्वर लहरियों ने देर रात तक संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध किए रखा. कार्यक्रम में सीहोर, भोपाल एवं आष्टा के गायक-गायिकाओं ने शानदार प्रस्तुतियों से रफी साहब को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
कार्यक्रम में एक हसीन शाम को दिल मेरा हो गया, मैं जि़ंदगी का साथ निभाता चला गया, तुम जो मिल गए हो, दिल के झरोखे में तुझको बिठाकर ओ मेरे सोना रे सोना, चौदहवीं का चांद हो, आज मौसम बड़ा बेईमान है, बदन पे सितारे लपेटे हुए, आजा तुझको पुकारे मेरा प्यार, बहारों फूल बरसाओ, परदेसियों से न अंखियां मिलाना, मैं यट पगला यमला दीवाना, ये दुनिया ये महफि़ल, अच्छा जी मैं हारी, जनम-जनम का साथ है, नफऱत की दुनिया को छोड़कर, मैं कहीं कवि न बन जाऊं, दिल का सूना साज तराना ढूंढेगा सहित अनेक सदाबहार व सुमधुर गीतों की प्रस्तुतियां दी गई.
कार्यक्रम का शुभारंभ आयोजक राजेश काशिव, सीमा जोशी द्वारा स्वर सम्राट मोह मद रफी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ. वक्ता शैलेश तिवारी ने कहा कि रफी साहब की मधुर आवाज आज भी करोड़ों संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित है. कार्यक्रम का संचालन प्रदीप नागिया ने किया. कार्यक्रम में सरगम के साथी क्लब द्वारा सभी कलाकारों का सम्मान किया गया.
