
सिंगरौली । स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं आरजेडी डॉ. जीएस परिहार ने शनिवार को जिला चिकित्सालय सिंगरौली का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए उन्होंने उपचार व्यवस्था, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह, ननि अध्यक्ष देवेश पांडेय, सीएमएचओ डॉ. पुष्पराज सिंह ठाकुर, सिविल सर्जन डॉ. कल्पना रवि तथा आरएमओ डॉ. राजेश बैस मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान देवसर ब्लॉक में डिलीवरी अपडेट करने में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार ऑपरेटर दीनानाथ प्रजापति एवं शीला साहू के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश सीएमएचओ डॉ. पुष्पराज सिंह ठाकुर को दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी-कर्मचारी निर्धारित लक्ष्य समय पर पूर्ण करें। बैठक में डॉ. जगदीश यसवाल डीएचओ-1, डॉ. राहुल पाठक डीएचओ-2, डॉ. विशेष सिंह डीटीओ, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुधांशु मिश्रा, जिला मीडिया अधिकारी डीएन मांझी, जिला कम्युनिटी मैनेजर डीसीएम एमएंडई, एपीएमए डीपीसी, तीनों विकासखंडों के बीएमओ, बीपीएम, बीसीएम सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। समीक्षा के अंत में आरजेडी डॉ. परिहार ने सभी अधिकारियों से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान आरजेडी ने ओपीडी में चिकित्सकों के साथ बैठक कर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद अस्पताल की कैंटीन पहुंचकर मरीजों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने सिकल सेल डिजीज पर आयोजित सीएमई कार्यक्रम में भी भाग लेकर इस गंभीर बीमारी की रोकथाम एवं उपचार को लेकर चिकित्सकों से चर्चा की। बाद में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में डॉ. परिहार ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी एचआरपी, दस्तक अभियान, नियमित टीकाकरण, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, सिकल सेल अभियान, आरबीएसके तथा सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण की विस्तृत समीक्षा की। शहरी क्षेत्र में एचआरपी की प्रगति केवल 40 प्रतिशत पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे शीघ्र शत-प्रतिशत करने के निर्देश दिए।
