जबलपुर: भ्रूण परीक्षण और अवैध रूप से गर्भपात कराने के मामले में जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ रहा है वैसे वैसे पुलिस को नए सुराग हाथ लग रहे है। जांच की आंच कई सोनोग्राफी केन्द्रों पर आ गई है। इसके साथ ही कुछ नए नाम भी पुलिस को मिले है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क में कई नए चेहरे भी जल्द बेनकाब होगे। मामले की विस्तृत जांच जारी है जिसके बाद उन्होंने भी आरोपी बनाने की तैयारी है।
विदित हो कि मालवीय चौक स्थित डिजिटल एक्स-रे सोनोग्राफी और अधारताल स्थित सरल डायग्नोस्टिक सेंटर में अवैध तरीके से भ्रूण परीक्षण कराने के बाद गर्भपात कराये जाने की सूचना पर ऑपरेशन गरिमा के तहत छापेमारी हुई थी। जिसमें यह बा सामने आई कि भ्रूण परीक्षण के लिए 15000 रूपए में सौदेबाजी होती थी बल्कि बालिका होने पर गर्भपात कराने के लिए लाखों रूपए ऐंठे जाते थे । दोनों सेंटरों को सील किया जा चुका है।
संचालकों समेत नर्स डॉली उर्फ खुशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ उनकी गिरफ्तारी हो चुकी है । पुलिस को जांच में यह पता चला कि डॉली जायसवाल उर्फ खुशी द्वारा जबलपुर के अन्य सोनोग्राफी केन्द्रों में भी इस प्रकार की गतिविधियां संचालित की जाती थी। इसके अलावा सोनोग्राफी सेंटर के कर्मचारी सूरज पाल, योगेश्वर दुबे एवं अन्य द्वारा सोनोग्राफी से संबंधित किसी भी प्रकार का पैरामेडिकल या मेडिकल कोर्स नहीं किया गया था। डॉ. राजेन्द्र कुमार अग्रवाल, डॉ. सतीश अग्रवाल, डॉली के अलावा से खेल में कई और डॉक्टर, स्टॉफ के शामिल होने की जानकारी पुलिस को मिली है जिसकी जांच पड़ताल चल रही है। जब्त किए गए मोबाइलों से भी अहम सबूत मिले है। विस्तृत जांच के बाद नए खुलासे होने की उम्मीद है।
