नई दिल्ली, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार जारी उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत सरकार ने फिलहाल पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में कटौती से इनकार किया है। सरकार का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के कारण तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर पहले से ही भारी वित्तीय दबाव बना हुआ है।
लोकसभा में सरकार का लिखित जवाब
लोकसभा में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने एक लिखित उत्तर में स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार बेहद संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि अप्रैल से जुलाई के बीच ब्रेंट क्रूड के दाम 122 डॉलर प्रति बैरल से गिरकर 68 डॉलर तक आने के बाद दोबारा बढ़कर 92.19 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए हैं।
आयात पर निर्भरता और राजस्व घाटा
भारत अपनी कुल तेल जरूरत का 88 प्रतिशत से अधिक आयात करता है। मार्च 2026 में एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की कटौती से सरकारी राजस्व को बड़ा नुकसान हुआ है। वर्तमान में दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है।

