
इंदौर। आज सिटी बस ऑफिस में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर स्वच्छता की पाठशाला का आयोजन किया गया। इसके तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के क्रियान्वयन करने को लेकर चर्चा हुई।
आज सिटी बस ऑफिस स्वच्छता कार्यशाला में महापौर पुष्यमित्र भार्गव और फीडबैक फाउंडेशन के सीईओ अजय सिन्हा ने स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और जनभागीदारी पर विचार रखे। स्वच्छता को लेकर फीडबैक फाउंडेशन के सीईओ अजय सिन्हा ने कहा कि स्वच्छता सिर्फ व्यवहार परिवर्तन से संभव है । होर्डिंग, पोस्टर और पेंटिंग लगाने से स्वच्छता नहीं आएगी। उन्होंने बताया कि दुनिया में हर बड़े परिवर्तन के पीछे कोई न कोई घटना या ट्रिगर होता है। यदि वर्ष 1994 में सूरत में प्लेग घटना नहीं होती तो संभवतः आज वह स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी शहर नहीं बन पाता।
सिन्हा ने कहा कि देश में स्कूलों के पाठ्यक्रम और कक्षाओं में स्वच्छता का पाठ शामिल किया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी स्वच्छता को अपनाने से झिझके नहीं। सिन्हा ने सुझाव दिया कि जिस तरह देश में आईएएस, आईपीएस, जनप्रतिनिधियों और अन्य सेवाओं के अलग-अलग कैडर हैं, उसी प्रकार ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) का भी एक समर्पित कैडर बनाया जाना चाहिए।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि स्थानीय स्वच्छता , कचरा प्रबंधन में नागरिकों की सहभागिता जरूरी है। इसके नियमों को जन जन से जोड़ कर स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने के लिए हर वर्ग की सहभागिता आवश्यक है।
कार्यशाला में निगम पार्षदों और निगम स्वास्थ विभाग अधिकारियों मौजूद थे।
