सतना : केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के जुलाई माह में सतना के प्रस्तावित दौरे की संभावनाओं के बीच मण्डलीय रेल प्रबंधन पूरी तरह सक्रिय होता नजर आने लगा है. हलांकि रेल मंत्रालय की ओर से इस संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक कार्यक्रम साझा नहीं किया गया है. लेकिन इसके बावजूद भी रेल प्रबंधन द्वारा युद्ध स्तर पर तैयारियां जारी रखते हुए किसी तरह की कसर नहीं छूटने का पूरा प्रयास किया जा रहा है.पिछले पखवाड़े भर से मण्डलीय रेल प्रबंधन जबलपुर से जुड़े अधिकारियों के सतना दौरे में एकाएक तेजी आई है. इतना ही नहीं बल्कि अचानक ही रेलवे स्टेशन सहित परिसर में सौंदर्यीकरण, रंग-रोगन और साफ-सफाई के साथ-साथ अनुरक्षण से संबंधित सभी कार्यों को प्राथमिकता पर रखते हुए गहन निगरानी की जा रही है.
एक ओर जहां प्लेटफार्म सहित फुट ओवर ब्रिज पर टूटी हुई टाइल्स को बदलने और मरम्मत करने का कार्य प्रगति पर है. वहीं दूसरी ओर स्टेशन की दीवारों, प्रवेश द्वार, बोर्ड, और प्लेटफार्म पर रंग रोगन कर नया स्वरुप देने का प्रयास किया जा रहा है. यहां तक कि यात्री सुविधा से संबंधित छोटे से छोटे सुधार कार्य को भी प्राथमिकता दी जा रही है. इसी कड़ी में अपर मंडल रेल प्रबंधक दिनेश कुमार कमाले द्वारा एक दिन पहले ही रेलवे लॉबी, रनिंग रुम, दुर्घटना राहत यान, प्लेटफार्म, वीआईपी रुम सहित अन्य सभी महत्वपूर्ण इकाइयों का गहन निरीक्षण किया गया था.
इसी कड़ी में ट्रेन संचालन से संबंधित कर्मचारियों के परिजनों से भेंट कर उनकी समस्यायों को सुनते हुए उनके निराकरण का अश्वासन भी दिया गया था. इतना ही नहीं बल्कि निमार्णाधीन कार्यों का निरीक्षण करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए थे. इसी कड़ी में यह भी माना जा रहा है कि रेल मंत्री के प्रस्तावित दौरे में वल्र्ड क्लास रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना की प्रगति की समीक्षा की जा सकती है. जिसे देखते हुए मण्डलीय स्तर पर इसकी निगरानी तेज कर दी गई है. इसके अलावा रेल मंत्री के संभावित दौरे के मद्देनजर स्थानीय रहवासियों सहित जन प्रतिनिधियों द्वारा माल गोदाम शिफ्टिंग जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की उम्मीद भी जगने लगी है. माना जा रहा कि सकारात्मक निर्णय होने पर रेलवे स्टेशन क्षेत्र में विकास को नई गति मिलने के साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा.
संरक्षा-यात्री सुविधा प्राथमिकता
रेलवे ट्रैक मेंटिनेंस को लेकर गुरुवार को दोपहर 2 बजे से डेढ़ घंटे का ब्लाक लिया गया. इस दौरान पटरियों की मरम्मत और तकनीकी सुधार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा किया गया. जिसकी वजह से कुछ ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित रहा. वैसे तो इन तैयारियों को रेल मंत्री के संभावित दौरे से जोडक़र देखा जा रहा है. लेकिन रेल अधिकारियों का कहना है कि संरक्षा और सुचारु संचालन के लिए नियमित ट्रैक मेंटिनेंस आवश्यक पहलू होता है. वहीं दूसरी ओर रेलवे स्टेशन पर जारी सुधार कार्य केवल वीवीआईपी दौरे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं.
