
सीधी। एमएसएमई मंत्रालयए भारत सरकार की रैम्प योजना के अंतर्गत जिला सीधी में दो दिवसीय कम्पोजिट कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त कार्यशाला के प्रथम दिवस में विभिन्न तकनीकी एवं जागरूकता सत्रों का आयोजन किया गया।
जिनमें एमपी एमएसएमई डेवलपमेंट पॉलिसी 2025, स्टार्टअप पॉलिसी 2025, लैंड अलॉटमेंट पॉलिसी, फाइनेंशियल अवेयरनेस, एसएचजी फॉर्मलाइजेशन टू एमएसएमई, जेड (जीरो डिफेक्ट जीरो इफेक्ट) सर्टिफिकेशन सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। इन सत्रों के माध्यम से एमएसएमई उद्यमियों, स्टार्टअप्स, स्वयं सहायता समूहों एवं इच्छुक उद्यमियों के बीच उद्यमिता विकास, सरकारी योजनाओं एवं व्यवसाय विस्तार के अवसरों के संबंध में व्यापक जागरूकता उत्पन्न की गई। लोकसभा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ.राजेश मिश्रा ने भी कार्यक्रम में अपना अमूल्य समय प्रदान किया। उन्होंने अपने संबोधन में जिले में खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) क्षेत्र की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कृषि उत्पादों जैसे अचार, कटहल आधारित उत्पाद, आलू के चिप्स एवं अन्य मूल्य संवर्धित खाद्य उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में लघु एवं सूक्ष्म उद्योग स्थापित कर युवाओं एवं महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
कलेक्टर विकास मिश्रा द्वारा कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों, उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से विभिन्न सत्रों की उपयोगिता एवं उनसे प्राप्त होने वाले लाभों के संबंध में चर्चा की गई। उन्होंने प्रतिभागियों को उद्यम स्थापना, बैंक एवं ऋण सहायता, विपणन उपलब्धता, व्यवसाय विस्तार तथा अन्य उद्यमिता संबंधी विषयों पर अपनी जिज्ञासाओं एवं समस्याओं को खुलकर रखने के लिए प्रेरित किया।
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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता: पूनम
पार्षद नगर पालिका परिषद सीधी श्रीमती पूनम सोनी ने महिला उद्यमिता एवं महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, स्वरोजगार अपनाने एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया।
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निर्माण इकाइयों एवं सूक्ष्य उद्योगों प्राप्त हो रहा रोजगार: प्रदीप
उद्योग एवं सहकारिता विभाग के सभापति जिला पंचायत सीधी प्रदीप शुक्ला ने जिले में संचालित विभिन्न सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों की सफलता की कहानियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि जिले में डेयरी उद्योग, राइस मिल, आटा चक्की, ईंट निर्माण इकाइयों एवं अन्य सूक्ष्म उद्यमों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। उन्होंने विशेष रूप से श्रीमती सावित्री जी का उदाहरण प्रस्तुत कियाए जिन्होंने बैंक ऋण प्राप्त कर जेसीबी मशीन क्रय की तथा इसके माध्यम से स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर रोजगार के अवसर सृजित किए।
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