तमिलनाडु में विलाथिकुलम यौन उत्पीड़न और हत्या मामले में दोषी को दोहरे मृत्युदंड की सज़ा

चेन्नई, 25 मई (वार्ता) तमिलनाडु में थूथुकुडी जिले की एक पॉस्को अदालत ने सोमवार को विलाथिकुलम में गत मार्च में 12वीं कक्षा की छात्रा के यौन उत्पीड़न और हत्या के मामले में आरोपी को दोषी ठहराया और दो अलग-अलग मामलों में दोहरी मौत की सज़ा सुनायी।
द्वितीय अतिरिक्त अदालत की न्यायाधीश प्रीथा ने मामले की सुनवाई के बाद एम. धर्म मुनीश्वरम उर्फ मावीरन को दो मामलों में दोषी ठहराया और उसे दोहरी मौत की सज़ा सुनायी। रामनाथपुरम जिले के सयालकुडी निवासी मावीरन को घटना के 75 दिनों के भीतर ही, दोनों मामलों में अलग-अलग—यानी कुल दो मौत की सज़ाएं दी गई हैं। जनता के भारी आक्रोश और लंबे विरोध प्रदर्शनों के बाद गत 11 मार्च को हुई इस घटना के लगभग 10 दिन बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। गौरतलब है कि इस घटना के बाद जिले के विलाथिकुलम इलाके में तनाव उत्पन्न हो गया था। इस घटना के खिलाफ स्थानीय लोगों और उसके परिवार के सदस्यों को विरोध प्रदर्शन किया। वहीं विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा कि इस घटना ने समाज की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक पीड़िता एक सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा थी और उस समय अपनी 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं दे रही थी। वह अपने घर के पीछे स्थित पास के ही एक जंगल वाले इलाके में गयी थी। जब वह घर नहीं लौटी, तो उसके पिता सुब्बुराज और रिश्तेदारों ने पुलिस से संपर्क करने से पहले खुद ही उसकी तलाश शुरू कर दी। परिवार के अनुसार, उन्हें शिकायत दर्ज कराने में शुरू में काफी आनाकानी का सामना करना पड़ा। क्षेत्राधिकार (ज्यूरिस्डिक्शन) संबंधी मुद्दों का हवाला देते हुए उन्हें कुलाथुर थाना और विलाथिकुलम स्थित महिला थाने के बीच बार-बार चक्कर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा। आखिरकार, कुलाथुर थाने में शिकायत दर्ज की गयी। सघन तलाशी अभियान के बाद, 11 मार्च को लड़की का शव उस झाड़ीदार इलाके में मिला, जिसके चेहरे पर चोट के निशान थे। लगभग दस दिनों के विरोध प्रदर्शन के बाद, 17 साल की 12वीं कक्षा की छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या की जांच कर रही विशेष टीमों ने 20 मार्च को 38 साल के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। परिवार के सदस्य और रिश्तेदार 11 मार्च को झाड़ियों वाले जंगल में लड़की का शव मिलने के बाद से ही विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और शव लेने से इनकार कर दिया था। उन्होंने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अपना आंदोलन खत्म कर दिया।

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