रायपुर, 09 मई (वार्ता) छत्तीसगढ़ की राजनीति में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि अगर वर्तमान अध्यक्ष दीपक बैज को बदला जाता है और उन्हें अवसर मिलता है, तो वह भी पीसीसी चीफ की जिम्मेदारी निभाना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि संभावित नामों की सूची में उनका नाम भी रहेगा।
श्री सिंहदेव के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
श्री भगत ने कहा, “ टी एस बाबा हमारे राजा हैं, महाराजा हैं। राज परिवार ने सरगुजा में कांग्रेस को लंबे समय तक साथ दिया है। अतिश्योक्ति नहीं है कि आदिवासी, सामान्य वर्ग या पिछड़ा वर्ग का नेता हो, पार्टी जिस पर मेहरबान वह पहलवान है।”
उन्होंने आगे कहा कि सरगुजा और बस्तर प्रदेश के प्रमुख आदिवासी क्षेत्र हैं और सरगुजा के आदिवासियों को भी साधने की राजनीतिक व्यवस्था होनी चाहिए। भगत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने सरगुजा संभाग से आदिवासी मुख्यमंत्री बनाया है, ऐसे में कांग्रेस को भी सरगुजा संभाग पर विशेष फोकस करना चाहिए, अन्यथा राजनीतिक दूरी बढ़ सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को ऐसा प्रदेश अध्यक्ष चुनना चाहिए जो सभी वर्गों और क्षेत्रों को साथ लेकर चल सके।
वहीं इस पद पर स्वयं अपनी दावेदारी के सवाल पर उन्होंने सीधा जवाब ना देते हुए कहा कि मैं तो अजीत जोगी का चेला हूं लेकिन कभी पार्टी लाईन से बाहर नहीं गया, जोगी जी ने जब खुद की पार्टी बनाई तब भी मैं कांग्रेस के साथ ही रहा जो पार्टी के विरुद्ध बात करेगा मै उसके साथ नहीं हूं, मै कांग्रेस का एक कार्यकर्ता हूं।
