
भोपाल। मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों को निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश देने संबंधी नियम लंबे समय से प्रक्रियाधीन हैं, लेकिन अब तक अधिसूचित नहीं किए गए हैं। इसके चलते नीट उत्तीर्ण ईडब्ल्यूएस श्रेणी के छात्र निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने से वंचित रह रहे थे।
नायक ने जबलपुर के 19 वर्षीय छात्र अथर्व चतुर्वेदी का उदाहरण देते हुए बताया कि इस समस्या से प्रभावित होकर उन्होंने पहले उच्च न्यायालय और फिर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अथर्व ने स्वयं अपनी पैरवी की और अपनी प्रभावशाली दलीलों से न्यायालय की पीठ को प्रभावित किया।
संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपने विशेष अधिकारों का उपयोग करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अथर्व चतुर्वेदी को निजी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश देने का निर्देश दिया। इससे अन्य समान परिस्थितियों वाले ईडब्ल्यूएस छात्रों के लिए भी प्रवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
नायक ने इसे अत्यंत प्रेरणादायक उपलब्धि बताते हुए कहा कि बिना किसी संगठनात्मक सहयोग के न्याय प्राप्त करना सराहनीय है। संगठन ने शीघ्र ही भोपाल में अथर्व चतुर्वेदी को सम्मानित करने की घोषणा की है।
