
परासिया। 112 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद सकुशल लौटे कफ सिरप पीड़ित बच्चों के परिवारों से मिलने अस्पताल प्रशासन की टीम पहुंची। एसडीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित बच्चों के घर जाकर उनका हालचाल जाना।
टीम ने बच्चों को फ्रूट बास्केट और उपहार भेंट किए। साथ ही एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को नियमित स्वास्थ्य जांच और प्रतिदिन हेल्थ अपडेट देने के निर्देश दिए गए।
बीएमओ डॉ. अंकित सहलाम द्वारा जाटाछापर निवासी कुणाल यादववंशी के घर पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। परिवार को किसी भी समय आवश्यकता होने पर तत्काल संपर्क करने को कहा गया। इसी तरह रिधोरा निवासी प्रतीक पवार के घर भी स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और उपहार प्रदान किए।
उल्लेखनीय है कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप से प्रभावित 27 बच्चों की जान बचाई गई, जबकि तीन बच्चे उपचार के बाद अस्पताल से सकुशल घर लौटे हैं।
इधर, कफ सिरप कांड को लेकर परासिया पुलिस ने 31 जनवरी को न्यायालय में चालान पेश कर दिया है। पुलिस ने चालान में यह स्पष्ट किया है कि मामले में किस आरोपी की क्या भूमिका रही और किसे सबसे बड़ा दोषी माना गया है। हालांकि क्षेत्र में इस बात को लेकर चर्चा जारी है कि पुलिस ने किस आरोपी को मुख्य जिम्मेदार ठहराया है।
