भोपाल। देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ते भारत में मध्यप्रदेश की भूमिका निर्णायक होगी,यह संदेश केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ग्वालियर से दिया। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश निवेश, रोजगार और समावेशी विकास का ऐसा मॉडल गढ़ रहा है, जो आने वाले वर्षों में राज्य को विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा करेगा। भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर आयोजित “अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट” विकास के इसी विजन का मंच बना।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश आज देश का सबसे तेज़ी से आगे बढ़ने वाला राज्य बन चुका है। वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव के बीच भी प्रदेश ने कृषि, उद्योग, ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि निवेश के लिए अनुकूल माहौल, स्पष्ट नीतियां और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के कारण ही इस वर्ष मध्यप्रदेश को रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव मिले हैं और देश में तीसरा स्थान हासिल हुआ है।
शाह ने भरोसा जताया कि जब भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा, तब उसमें मध्यप्रदेश का योगदान सबसे बड़ा होगा।
ग्रोथ समिट में केंद्रीय गृह मंत्री ने 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की निवेश लागत वाली औद्योगिक और निर्माण परियोजनाओं का सामूहिक भूमिपूजन किया। इसके साथ ही 5,810 करोड़ रुपये की औद्योगिक व सड़क विकास परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ और 860 वृहद औद्योगिक इकाइयों को 725 करोड़ रुपये की निवेश प्रोत्साहन सहायता सिंगल क्लिक से वितरित की गई। उन्होंने प्रदेश में साइबर अपराधों से निपटने के लिए ई-जीरो एफआईआर प्रणाली की शुरुआत भी की, जिससे मध्यप्रदेश देश का दूसरा राज्य बना।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज “साकार होती संभावनाओं का अग्रणी केंद्र” बन चुका है। उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश हर दृष्टि से फायदे का सौदा है। 18 नई उद्योग-अनुकूल नीतियां, विस्तृत लैंड बैंक, बेहतर लॉजिस्टिक्स, भरपूर जल और ऊर्जा उपलब्धता तथा पारदर्शी प्रशासन—ये सभी निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण तैयार करते हैं।
सीएम ने बताया कि राज्य में 8.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर रहे हैं, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
अमित शाह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव और संतुलित क्षेत्रीय विकास की रणनीति ने मध्यप्रदेश को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि कभी बीमारू राज्य कहलाने वाला मध्यप्रदेश अब कृषि कर्मण पुरस्कारों, बेहतर सड़क-सिंचाई नेटवर्क, सरप्लस बिजली, स्वच्छता और सस्ती मेट्रो सेवाओं के कारण देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
समिट के दौरान उच्च रोजगार सृजन करने वाले उद्योगपतियों का सम्मान किया गया और विजन 2047 पर आधारित औद्योगिक विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया गया। कार्यक्रम में स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कुल मिलाकर, ग्वालियर से यह स्पष्ट संदेश गया कि मध्यप्रदेश अब निवेश, उद्योग और रोजगार के जरिए देश के विकास इंजन की भूमिका निभाने को पूरी तरह तैयार है।
