वाशिंगटन/दमिश्क, 20 दिसंबर (वार्ता) अमेरिका ने शुक्रवार को सीरिया में इस्लामिक स्टेट(आईएस) से जुड़े कई ठिकानों पर हमले किए। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने एक पोस्ट में कहा, “आज सुबह, अमेरिकी सेना ने सीरिया में ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक शुरू किया, जिसका उद्देश्य 13 दिसंबर को पल्मायरा, सीरिया में अमेरिकी सेना पर हुए हमले के सीधे जवाब में आईएसआईएस लड़ाकों, बुनियादी ढांचे और हथियार स्थलों को नष्ट करना था।” हेगसेथ ने कहा, “यह किसी युद्ध की शुरुआत नहीं है – यह प्रतिशोध की घोषणा है। आज हमने अपने दुश्मनों का पीछा किया और उनमें से कई को उन्हें मार गिराया। हम यह सिलसिला जारी रखेंगे।” सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और उसके सहयोगी बलों ने लगभग 10 अभियान चलाए, जिनमें लगभग 23 लोग मारे गए या हिरासत में लिए गए।
सरकारी अखबार अल-थवरा ने शनिवार को बताया कि अमेरिकी सेना ने दीर अल-ज़ौर के ग्रामीण इलाकों में स्थित अपने ठिकानों से पूर्वी और उत्तरी सीरिया के रेगिस्तानी इलाकों की ओर भारी मिसाइलें दागीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे आईएसआईएस सदस्यों के खिलाफ एक “बड़ा” प्रहार बताया, जिन्हें अमेरिका 13 दिसंबर को गठबंधन सेना पर हुए हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। श्री ट्रम्प ने रॉकी माउंट, उत्तरी कैरोलिना में एक रैली में कहा, “हमने सीरिया में आईएसआईएस के गुंडों पर हमला किया… यह बहुत सफल रहा,” अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कहा कि हमलों में मध्य सीरिया में 70 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया, और बताया कि जॉर्डन के लड़ाकू विमानों ने इस अभियान में सहयोग दिया। ये हमले अमेरिकी एफ-15 और ए-10 जेट विमानों, अपाचे हेलीकॉप्टरों और हिमर्स रॉकेट प्रणालियों द्वारा किए गए। अमेरिकी रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार को पल्मायरा में एक हमलावर ने अमेरिकी और सीरियाई बलों के काफिले को निशाना बनाया, जिसके बाद उसे गोली मार दी गई। इस हमले में दो अमेरिकी सैनिक और एक नागरिक दुभाषिया मारे गए।

