बेंगलुरु, 01 दिसंबर (वार्ता) कर्नाटक पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (पीडब्ल्यूडी) ने सोमवार को बड़ी खेल प्रतियोगिताओ और दर्शकों की सुरक्षा का हवाला देते हुए कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए) को अपने स्टेडियम की इमारत का एनएबीएल-रजिस्टर्ड एक्सपर्ट एजेंसी से तथा स्ट्रक्चरल सेफ्टी असेसमेंट रिपोर्ट जमा कराने को कहा है आज यहां जारी बयान में बताया गया है कि एक सरकारी ऑर्डर के मुताबिक, डिपार्टमेंट ने एमजी रोड पर 16 एकड़ और 13 गुंटा जमीन का सालाना किराया एक हजार रुपये तय किया था, जिसे उस समय के मैसूर स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन को 99 साल के लिए लीज पर दिया गया था। इसके अलावा, चार नवंबर, 1996 के सरकारी ऑर्डर के अनुसार पीडब्ल्यूडी ने एसोसिएशन के कब्जे वाली 23 गुंटा जमीन के लिए हर महीने 500 रुपये और स्विमिंग पूल बनाने के लिए दी गई 15 गुंटा जीमीन के लिए हर महीने एक हजार रुपये किराया तय किया था। कुल मिलाकर, 17 एकड़ और 11 गुंटा जमीन लीज पर दी गई थी, जिसका सालाना किराया 19,000 रुपये तय किया गया था।
पीडब्ल्यूडी के रिकॉर्ड के अनुसार स्टेडियम और उससे जुड़ी बिल्डिंग्स एसोसिएशन ने लीज पर ली गई प्रॉपर्टी पर बनाई थीं और कई दशकों से उनकी देखभाल एसोसिएशन कर रही है। अब जब स्ट्रक्चर पुराने हो रहे हैं, और बड़ी क्रिकेट स्पर्धाओं के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए, बिल्डिंग्स के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने ऑफिशियली एसोसिएशन से एनएबीएल से मान्यता प्राप्त एक्सपर्ट के जरिए स्टेडियम में बैठने की क्षमता टेस्ट करने और उसकी रिपोर्ट जमा करने का अनुरोध किया है।
पीडब्ल्यूडी ने अब केएससीए को तुरंत स्टेडियम के ढांचे की पूरी मजबूती और सुरक्षा जांच का इंतजाम करने और डिपार्टमेंट को रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है।

