नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर (वार्ता) चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत बारह राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) करने की घोषणा की है जिसके तहत करीब 51 करोड़ मतदाताओं के पहचान की गहन जांच की जायेगी।
चुनाव आयोग ने साेमवार को बाताया कि एसआईआर के दूसरे चरण में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की वर्तमान सूचियों का सत्यापन किया जाएगा जिनमेंकरीब 51 करोड़ मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। इसमें सर्वाधिक उत्तर प्रदेश के 15.44 करोड़ मतदाता हैं। वहीं, दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल में 7.66 करोड़ मतदाता हैं।
मंगलवार से फरवरी के पहले सप्ताह तक चलने वाले एसआईआर कार्यक्रम में 5,33,093 पोलिंग बूथ/बीएलओ, राजनीतिक पार्टियों के 7,64,419 बीएलए, 10,448 मतदाता पंजीकरण अधिकारी/सहायक ( ईआरओ/एईआरओ) और 321 जिला चुनाव अधिकारी ( डीईओ ) शामिल हैं।
आयोग के अनुसार उत्तर प्रदेश की सूची में इस समय पंद्रह करोड़ 44 लाख चौबीस मतदाता और पश्चिम बंगाल में सात करोड़ 66 लाख 24 मतदाता पंजीकृत है। तमिलनाडु में 6 करोड़ 41 लाख 15 मतदाता, राजस्थान में पांच करोड़ 48 लाख 85 मतदाता, मध्य प्रदेश में पांच करोड़ 74 लाख पांच मतदाता, गुजरात में पांच करोड़ आठ लाख 39 मतदाता, केरल में दो करोड़ 78 लाख पचास मतदाता, छत्तीसगढ में दो करोड़ बारह लाख तीस मतदाता, पुड्डुचेरी में दस लाख 21 हजार मतदाता, गोवा में ग्यारह लाख 85 हजार मतदाता, अंडमान निकोबार में तीन लाख दस हजार मतदाता जबकि लक्ष्यद्वीप में 58 हजार मतदाता पंजीकृत है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर के दूसरे चरण की घोषणा करते हुए कहा कि इन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की वर्तमान सूचियों को ‘आज आधी रात से फ्रीज’ कर दिया जाएगा।” इसका अर्थ है कि अब एसआईआर का काम पूरा होने से पहले इन जगहों की सूची में कोई नया नाम काटा या जोड़ा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि सभी बारह राज्यों के लिए वर्तमान में पांच लाख 33 हजार 93 मतदान केंद्र हैं लेकिन अब हर मतदान केंद्र पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या एक हजार रखने का निर्णय लिया गया है जिसके कारण मतदान केंद्रों की संख्या में बढोत्तरी हो सकती है। आयोग ने यह भी निर्णय लिया है कि एक परिवार को मत एक ही मतदान केंद्र पर हो ताकि मतदाताओं को अपने मत का प्रयोग करने में आसानी हो सके।
आयोग ने कहा कि एसआईआर के दूसरे चरण की शुरुआत 28 अक्टूबर से होगी। इस दौरान 28 अक्टूबर से तीन नवंबर तक प्रिंटिंग और ट्रेनिंग का कार्य होगा। इसके बाद घर-घर जाकर गणना चरण का कार्य किया जाएगा, जिसकी तारीख चार नवंबर से चार दिसंबर तक तय की गई है। उसके बाद नौ दिसंबर को मतदाता सूची का प्रकाशन और मसौदा तैयार किया जाएगा। चुनाव आयोग ने नौ दिसंबर से आठ जनवरी 2026 तक आपत्ति की अवधि को निर्धारित किया है। वहीं, नौ दिसंबर से 31 जनवरी, 2026 तक चुनाव आयोग द्वारा सुनवाई और सत्यापन का कार्य किया जाएगा। सात फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
