
बालाघाट।विश्व प्रसिद्ध मध्यप्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में दो अलग अलग स्थानों पर तीन बाघों के शव मिले हैं। कान्हा के कोर एरिया में एक स्थान पर एक वयस्क बाघ और दूसरे स्थान पर दो शावकों के शव मिलने से सनसनी फैल गई l वयस्क बाघ का शव बालाघाट जिले के मुक्की रेंज में, जबकि लगभग दो महीने की दो मादा शावक मंडला जिले के कान्हा रेंज में मृत पाई गईं. पार्क प्रबंधन ने इसे कान्हा टाइगर रिजर्व के इतिहास की बड़ी और बेहद दुखद घटना बताया है l
जानकारी के अनुसार, कान्हा रेंज के 9 नंबर रोड पर दो से तीन महीने की दो मादा बाघ शावकों की मौत हुई l प्रत्यक्षदर्शियों और वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इन दोनों शावकों को एक व्यस्क नर बाघ ने मार डाला. वहीं, मुक्की रेंज के मवाला क्षेत्र में करीब 10 साल के एक व्यस्क नर बाघ की भी मौत हो गई. इस नर बाघ को दूसरे पट्टेधारी नर बाघ ने क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई में मार दिया l
कान्हा के हाथी गश्ती दल ने दोनों मामलों की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी l खबर मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे. दोनों शावकों के शव बरामद कर एनटीसीए प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार कर दिया गया l
वयस्क बाघ का अंतिम संस्कार शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम के बाद होगा l कान्हा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ने घटना की पुष्टि की. पार्क प्रबंधन शुक्रवार को आधिकारिक जानकारी दे सकता है l
जानकारों की मानें तो बाघों में आपसी संघर्ष आमतौर पर सहवास या क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर होता है. नर बाघ अक्सर अपने इलाके की रक्षा के लिए दूसरे बाघों से संघर्ष करते हैं. वहीं, कभी-कभी शावकों को भी नर बाघ मार डालते हैं, ताकि मादा बाघ पुनः सहवास के लिए तैयार हो सके l
कान्हा टाइगर रिजर्व बाघों के संरक्षण के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है और यहां बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है. लेकिन एक साथ तीन बाघों की मौत ने पार्क प्रबंधन और पर्यावरण प्रेमियों को झकझोर दिया है l
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह घटना वन्य जीवन के स्वाभाविक व्यवहार का हिस्सा है, लेकिन फिर भी यह बाघ संरक्षण की दृष्टि से बड़ी क्षति है. कान्हा में हुई इस घटना ने एक बार फिर बाघों के रहन-सहन और उनके संघर्षपूर्ण जीवन की झलक सामने रखी है. फिलहाल पार्क प्रशासन स्थिति की निगरानी कर रहा है और उच्च अधिकारियों को पूरी जानकारी भेज दी गई है.
