
उमरिया। लोकायुक्त रीवा की टीम ने बुधवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय में छापेमारी की। जांच का कारण वर्ष 2016, 2017 और 2018 में बहुउपयोगी सामग्री खरीदी के लिए स्वीकृति मिलने के बावजूद खरीद न होना है।
लोकायुक्त निरीक्षक केश राम मरावी ने शिकायत के आधार पर खरीदी संबंधी दस्तावेज जब्त किए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि स्वीकृत राशि का उपयोग नहीं हुआ और शिकायत सही थी।
कार्रवाई की खबर फैलते ही विभाग में हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार लाखों रुपये स्वीकृत हुए थे, लेकिन कोई ठोस खरीदी प्रमाण नहीं मिला। लोकायुक्त दस्तावेजों से पता लगाएंगे कि बजट का उपयोग कहां हुआ और अगर दुरुपयोग मिला, तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी।
यह मामला सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार से भी जुड़ा है। जनता ने नाराजगी जताई है, क्योंकि गरीब मरीजों को इसका नुकसान उठाना पड़ता है।
