डिंडोरी: नगर परिषद डिंडोरी में अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी चरम पर है। आलम यह है कि जिम्मेदार न्यायालय व तहसीलदार के आदेशों की भी खुलकर अवहेलना कर रहे हैं। मामला वार्ड क्रमांक 7 नर्मदा पुल के पास स्थित धर्मशाला का है, जिस पर अवैध कब्जा कर मूर्तियां बनाने का कार्य जारी है। इसके साथ ही आसपास अन्य अतिक्रमण भी तेजी से फैल रहे हैं।
मेकलसुता माँ नर्मदा समिति ने बार-बार शिकायत दर्ज कराई थी कि बबलू बर्मन द्वारा धर्मशाला पर कब्जा कर इसे निजी आवास की तरह उपयोग किया जा रहा है। समिति का आरोप है कि कब्जाधारी व उनकी पत्नी यहां मदिरापान और मांसाहार जैसे अनैतिक कार्य भी करते हैं, जबकि यह स्थान धार्मिक प्रयोजनों के लिए संरक्षित है।
तहसीलदार डिंडोरी ने 3 सितंबर 2025 को पत्र जारी कर मुख्य नगर पालिका अधिकारी को धर्मशाला से कब्जा हटाने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। लेकिन 12 दिन बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे साफ है कि नगर परिषद का अमला मामले को गंभीरता से लेने के बजाय टालमटोल कर रहा है।
समिति का आरोप
मंदिर समिति के सदस्य वीरेंद्र सोनी ने कहा, लगातार शिकायतों के बाद भी नगर परिषद के अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ऐसा प्रतीत होता है कि वे राजनीतिक दबाव में हैं।
नपा का पक्ष
मुख्य नगर पालिका अधिकारी अमित तिवारी का कहना है कि कब्जाधारी को नोटिस दिया गया था, लेकिन जवाब नहीं मिला। अब पुलिस और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट से सहयोग लेकर कार्रवाई की जाएगी।
इनका कहना है
तहसीलदार रामप्रसाद मार्को ने कहा कि उन्होंने नगर परिषद को निर्देशित किया था कि कब्जा हटाकर रिपोर्ट भेजी जाए। परिषद ने कुछ समय मांगा था, और जैसे ही कार्यवाही आगे बढ़ती है, प्रशासन की ओर से बल उपलब्ध कराया जाएगा।
