नयी दिल्ली, 26 जुलाई (वार्ता) सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि भारत कभी भी विस्तारवाद की नीति पर नहीं चला है लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद देश ने घात करने वाले पर प्रतिघात का एक नया नियम जरूर बना दिया है।
भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ‘करगिल दिवस’ के उपलक्ष्य में राजधानी मे आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘…जबसे मोदी जी ने प्रधानमंत्री के रुप में देश का कार्यभाल संभाला है, तबसे यह स्पष्ट हो गया है कि उधर से गोली चलेगी तो इधर से गोला चलेगा। ये आज भारत का न्यू नॉर्मल हो गया है।” उन्होंने उरी, पुलवामा और पहलगाम में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी हलमलों और उन पर प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रियाओं और भारत की कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए कहा , ‘ भारत विस्तारवादी नहीं है, राइट टू रिटैलियेट (घात करने वाले पर प्रतिघात) अब हमारा न्यू नार्मल (नया नियम) हो गया है। ” भारत पर कोई हमला करता है तो उसको भरपूर जवाब दिया जाएगा। कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, 1999 में पाकिस्तान के साथ हुए करगिल युद्ध के कई शहीदों के परिजन, भूतपूर्व सैनिक, भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
श्री नड्डा ने करगिल की लड़ाई में भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम को याद करते हुए उस लड़ाई में प्राणोत्सर्ग करने वाले वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उरी में जैश-ए- मोहम्मद के आतंकवादियों के हमले में 18 जवानों की मौत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, ‘पाकिस्तान तुमने बड़ी गलती कर दी है। इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। आज तक किसी प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं कहा था।’ श्री नड्डा ने कहा कि उरी हमले के बाद ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों के तमाम लांच पैड (चढ़ाई के अड्डे) ध्वस्त कर दिए थे। पुलवामा के बाद प्रधानमंत्री ने फिर कहा था कि पाकिस्तान को इसका जवाब जरूर मिलेगा और भारतीय वायु सेना ने बालाकोट में आतंकवादी शिविर को ध्वस्त किया। इसी तरह पहलगाम के बाद श्री मोदी ने मधुबनी (बिहार) से दुनिया को स्पष्ट संदेश भेजा था कि भारत ‘घर में घुस कर मारेगा।’
श्री नड्डा ने कहा कि ऑपेशन सिन्दूर में भारत ने नपी-तुली सैन्य कार्रवाई में बहावलपुर, मुरीदके, नरोवाल और स्यालकोट में जैश और लश्कर के ठिकानों को ध्वस्त किया। ये इलाके पाकिस्तान के अंदर हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई करते हुए भारतीय सेनाओं ने सवाधानी बरती की पाकिस्तान में किसी आम नागरिक को क्षति न पहुंचे।
श्री मोदी ने कहा कि अब भारत डोजियर (शिकायत और सबूत का पत्र) नहीं भेजता जैसा कि 26/11 के हमले के बाद उस समय की सरकार ने किया था। भारत अब जवाबी कार्रवाई के अधिकार का प्रयोग करता है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में सैनिकों को सीमा पर गोली का जवाब देने से रोका जाता था और इसके लिए उस समय के नीति नियामक जिम्मेदार थे ।
उन्होंने कहा कि पहले जब जम्मू-कश्मीर में सीमा और नियंत्रण रेखा पर पुंछ, रजौरी और अन्य क्षेत्रों में दूसरी तरफ से गोलियां चलायी जाती थीं तो हमारा जवान नगरोट कैंप को उसकी सूचना दी जाती थी। नगरोटा वह सूचना चंडीमंदिर को देता था और चंडीमंदिर हेडक्वार्टर (सेना के मुख्यालय) को जब वह सूचना पहुंचाता था तो कहा जाता था, ‘ रुको जब तक हम न बतायें तब तक रुके रहो। हमने ऐसे नीति निर्धारकों को देखा है।’
श्री नड्डा ने कहा, ‘ अब प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि उधर से गोली चलेगी तो इधर से गोला चालेगा।’ सेना के हमारे प्रहरी जवानों को कहा गया है, ‘रुकना नहीं है, गोलियां बरसाते रहना है जब तक उधर से आवाज बंद न हो जाए।’ उन्होंने कहा कि भारत आज प्रधानमंत्री मोदी के ‘नेतृत्व में आत्मनिर्भर बनकर तैयार है।.. एक समय हमारे पास बुलेटप्रूफ जैकेट नहीं थे, आज भारत बुलेटप्रूफ जैकेट बना भी रहा है और दुनिया को एक्सपोर्ट भी कर रहा है। .. आज भारत जल, थल, नभ सभी क्षेत्रों में भारत दुश्मन को जवाब देने को तैयार है।’
श्री नड्डा ने कहा, ‘ 26वें कारगिल विजय दिवस हम सभी अमर शहीदों को दिल से नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि 26 साल पहले 1999 में कारगिल सेक्टर, द्रास सेक्टर, बटालिक सेक्टर, टाइगर हिल आदि पर पाकिस्तान की फौज चोरी-छुपे कब्जा करने का प्रयास किया था।
भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा ने कहा, “उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हुक्म दिया कि हमारी सेनाएं उस स्थान को फिर से वापस लें और वहां तिरंगा झंडा फहराया जाए। भारत का टाइगर हिल है और भारत का रहेगा। इसके बाद भारतीय सेना का विजय का अभियान शुरू हुआ था और हमारी वीर सेना ने, रणबांकुरों ने पाकिस्तानी फौज को धूल चटाकर विजय प्राप्त कर लिया।”
