
रायसेन।एक हजार से ज्यादा सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को बीएलओ बना दिया गया है।ऐसी स्थिति में छात्र छात्राओं की पढ़ाई कार्य प्रभावित हो रहा है।सहायक संचालक शिक्षा मोनिका पटेल गैरजिम्मेदाराना जबाव देते हुए बोलीं बीएलओ हम नहीं बनाते।बल्कि एसडीएम साहब से पूछो।जिले के विकासखंड सांची से बीएलओ ड्यूटी में 275 के करीब शिक्षकों को लगाया गया है। पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी लगाया गया था, लेकिन बाद में सभी जगह शिक्षकों को लगा दिया। हालांकि पांच-छह स्थानों पर आंगनबाडिय़ों से भी व्यवस्था की गई है। जिनमें से 90 प्रतिशत से अधिक में शिक्षकों को ही बीएलओ ड्यूटी पर लगाया गया है। यह समय प्रायमरी मिडिल स्कूलों प्रवेश उत्सव का चल रहा है। जिले में 31 जुलाई तक सामान्य तौर पर लोग बच्चों के प्रवेश स्कूलों में करवाते हैं। इस दौरान स्कूलों में नियमित कक्षाएं नहीं लगने पर बच्चे बाद में भी कक्षाओं में आने से बचने लगते हैं। एक शिक्षक ने बताया कि शासन से गैर शिक्षिकीय कार्य(बेगारी) में शिक्षकों को न लगाने के निर्देश हैं, लेकिन फिर भी ड्यूटी लगा दी जाती है।
इनका कहना है….
शिक्षकों को अपने शैक्षणिक ड्यूटी कार्य के अतिरिक्त समय में यह काम करना होता है। इसके लिए पारिश्रमिक भी मिलता है। हालांकि कक्षाएं प्रभावित होती हैं, लेकिन मैनेज करना पड़ता है।डीडी रजक जिला शिक्षा अधिकारी, रायसेन
मतदाता सूची के संशोधन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले दिए जा रहे बीएलओ प्रशिक्षण में जिले भर से करीब 1200 शिक्षकों की ड्यूटी लगाने से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। इसे लेकर शिक्षक भी आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं।लेकिन अधिकारी इसे निर्वाचन जैसा महत्वपूर्ण कार्य बताकर शिक्षकों से बीएलओ ड्यूटी करवा रहे हैं।जो कि सरासर गलत और अनुचित है।
हरेक विधानसभा से 250 शिक्षक बने बीएलओ
राज्य स्तर से तय कार्यक्रम के अनुसार शिक्षकों को बीएलओ के कार्य और नियमों के बारे में प्रशिक्षण दे रहे हैं। सभी चारों विधानसभा क्षेत्र के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण का दौर पूरा हो चुका है। मतदाता सूची को दुरुस्त करने के चुनौतीपूर्ण कार्य में जिले भर से हर विधानसभा क्षेत्र में औसतन 250 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।
