ईई अटेंडेंस के विरोध में शिक्षकों ने बांधी काली पट्टी, रखा उपवास


सीहोर. शासकीय विद्यालयों में शिक्षा विभाग द्वारा ई अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई है. 1 जुलाई से इसे अनिवार्य रूप से लागू कर दिया गया है, लेकिन पहले ही दिन से शिक्षक इसका विरोध कर रहे हैं. ई अटेंडेंस व्यवस्था के विरोध में शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया.
वर्ष 2018 से शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस लागू करने की शिक्षा विभाग की योजना सात साल बाद भी सफल नहीं हो पाई है. सात दिन के ट्रायल के बाद शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस 1 जुलाई से अनिवार्य की थी. खास बात यह है कि नियमित हाजिरी में सेवा पुस्तिका में विशेष उपलब्धि देने के आश्वासन के बाद भी शिक्षक ऑनलाइन अटेंडेंस लगाने के लिए तैयार नहीं हैं. सोमवार को जिलेभर में ऑनलाइन अटेंडेंस को लेकर विरोध दर्ज किया गया. जिले की 1565 स्कूलों में पदस्थ करीब 7500 शिक्षकों ने विरोध दर्ज कराते हुए सोमवार को काली पट्टी बांधकर कार्य किया. यही नहीं प्रत्येक शाला से एक शिक्षक उपवास भी रहा. खास बात यह है कि जिन शिक्षकों ने सोमवार को एप डाउनलोड कर ऑनलाइन अटेंडेंस लगाना चाही उनके मोबाइल में नेट एरर बताते हुए पेज ही ओपन नहीं हुआ. ऐसे में वे भी अपनी उपस्थिति ऑनलाइन नहीं लगा सके. नई व्यवस्था सवे नाराज शिक्षकों का कहना है कि अन्य विभाग के कर्मचारियों को भी ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए कहा जाए, जिसके बाद ही वे भी ऑनलाइन अटेंडेंस लगाएंगे.
एप से अटेंडेंस में हैं अनेक खामियां
प्रांतीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय सक्सेना ने बताया कि एप को एजुकेशन पोर्टल 3.0 से जोड़ा है जो आधार से लिंक है। लेकिन ग्रामीण अंचलों में अब भी मोबाइल नेटवर्क की परेशानी बनी हुई है। यही नहीं जिले में 40 से ज्यादा जनशिक्षक हैं। इनकी नियुक्ति दूसरी जगह है, अब जब ये मूल पदस्थापना स्थान पर नहीं होंगे तो अटेंडेंस कैसे लगेगी. यही स्थिति प्रेरकों की भी है. इन्हीं कारणों से शिक्षक संगठन इस प्रक्रिया का विरोध कर रहा है.
हमारा शिक्षक एप प्रॉपर ढंग से वर्क नहीं कर रहा
ऑनलाइन अटेंडेंस को लेकर अभी रिपोर्ट हमें देखने को नहीं मिल रही है, लेकिन यह बात सामने आई है कि कई जगह नेटवर्क काम नहीं कर पा रहा है तो कनेक्टिविटी नहीं हो पा रही है. जिसके कारण अटेंडेंस नहीं लग पा रही है. कई स्कूलों के प्राचार्य ने इस संबंध में जानकारी दी है। नेटवर्किंग के साथ हमारे शिक्षक एप भी प्रॉपर तरीके से वर्किंग नहीं कर रहा है. इसके अलावा अगर नेटवर्क की समस्या है तो उसका भी समाधान निकलेगा. विरोध किसी समस्या का समाधान नहीं होता है.
संजय सिंह तोमर, जिला शिक्षा अधिकारी, सीहोर अटेंडेंस के विरोध में शिक्षकों ने बांधी काली पट्टी, रखा उपवास

सीहोर. शासकीय विद्यालयों में शिक्षा विभाग द्वारा ई अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई है. 1 जुलाई से इसे अनिवार्य रूप से लागू कर दिया गया है, लेकिन पहले ही दिन से शिक्षक इसका विरोध कर रहे हैं. ई अटेंडेंस व्यवस्था के विरोध में शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया.

वर्ष 2018 से शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस लागू करने की शिक्षा विभाग की योजना सात साल बाद भी सफल नहीं हो पाई है. सात दिन के ट्रायल के बाद शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस 1 जुलाई से अनिवार्य की थी. खास बात यह है कि नियमित हाजिरी में सेवा पुस्तिका में विशेष उपलब्धि देने के आश्वासन के बाद भी शिक्षक ऑनलाइन अटेंडेंस लगाने के लिए तैयार नहीं हैं. सोमवार को जिलेभर में ऑनलाइन अटेंडेंस को लेकर विरोध दर्ज किया गया. जिले की 1565 स्कूलों में पदस्थ करीब 7500 शिक्षकों ने विरोध दर्ज कराते हुए सोमवार को काली पट्टी बांधकर कार्य किया. यही नहीं प्रत्येक शाला से एक शिक्षक उपवास भी रहा. खास बात यह है कि जिन शिक्षकों ने सोमवार को एप डाउनलोड कर ऑनलाइन अटेंडेंस लगाना चाही उनके मोबाइल में नेट एरर बताते हुए पेज ही ओपन नहीं हुआ. ऐसे में वे भी अपनी उपस्थिति ऑनलाइन नहीं लगा सके. नई व्यवस्था सवे नाराज शिक्षकों का कहना है कि अन्य विभाग के कर्मचारियों को भी ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए कहा जाए, जिसके बाद ही वे भी ऑनलाइन अटेंडेंस लगाएंगे.

एप से अटेंडेंस में हैं अनेक खामियां

प्रांतीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय सक्सेना ने बताया कि एप को एजुकेशन पोर्टल 3.0 से जोड़ा है जो आधार से लिंक है। लेकिन ग्रामीण अंचलों में अब भी मोबाइल नेटवर्क की परेशानी बनी हुई है। यही नहीं जिले में 40 से ज्यादा जनशिक्षक हैं। इनकी नियुक्ति दूसरी जगह है, अब जब ये मूल पदस्थापना स्थान पर नहीं होंगे तो अटेंडेंस कैसे लगेगी. यही स्थिति प्रेरकों की भी है. इन्हीं कारणों से शिक्षक संगठन इस प्रक्रिया का विरोध कर रहा है.

हमारा शिक्षक एप प्रॉपर ढंग से वर्क नहीं कर रहा

ऑनलाइन अटेंडेंस को लेकर अभी रिपोर्ट हमें देखने को नहीं मिल रही है, लेकिन यह बात सामने आई है कि कई जगह नेटवर्क काम नहीं कर पा रहा है तो कनेक्टिविटी नहीं हो पा रही है. जिसके कारण अटेंडेंस नहीं लग पा रही है. कई स्कूलों के प्राचार्य ने इस संबंध में जानकारी दी है। नेटवर्किंग के साथ हमारे शिक्षक एप भी प्रॉपर तरीके से वर्किंग नहीं कर रहा है. इसके अलावा अगर नेटवर्क की समस्या है तो उसका भी समाधान निकलेगा. विरोध किसी समस्या का समाधान नहीं होता है.

संजय सिंह तोमर, जिला शिक्षा अधिकारी, सीहोर

Next Post

यात्री सुविधाओं के लिए ‘रेलवन’ एप शुरु

Tue Jul 1 , 2025
नयी दिल्ली, 01 जून (वार्ता) रेलवे ने यात्री सुविधाओं में एक और सुधार करते हुए रेलवन एप शुरु किया है जिसके जरिए यात्रियों को सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को यहां रेल सूचना प्रणाली केंद्र के 40वें स्थापना दिवस पर रेलवन एप का […]

You May Like