अहमदाबाद विमान हादसे के बाद टाटा संस ने की बड़ी पहल; मुआवजा, चिकित्सा और शिक्षा सहित व्यापक सहायता प्रदान करेगा यह कल्याणकारी ट्रस्ट, एन चंद्रशेखरन करेंगे नेतृत्व।
नई दिल्ली, 27 जून (नवभारत): अहमदाबाद में हुए दुखद एयर इंडिया विमान हादसे के बाद, टाटा समूह ने पीड़ितों के परिवारों को दीर्घकालिक सहायता प्रदान करने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। टाटा संस, जो एयर इंडिया की प्रमुख मालिक है, ने प्रभावित परिवारों के लिए ₹500 करोड़ की राशि के साथ एक विशेष कल्याणकारी ट्रस्ट, जिसका नाम AI171 ट्रस्ट होगा, स्थापित करने का फैसला किया है। यह घोषणा समूह की मानवीय प्रतिबद्धता और संकट के समय में समर्थन देने की उसकी विरासत को दर्शाती है।
सूत्रों के अनुसार, टाटा संस के बोर्ड ने गुरुवार को इस कल्याणकारी ट्रस्ट के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस ट्रस्ट का उद्देश्य दुर्घटना से प्रभावित हुए 271 पीड़ितों (241 यात्री और 30 जमीन पर मारे गए) के परिवारों को व्यापक सहायता प्रदान करना है। इसमें केवल एकमुश्त मुआवजा ही नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा देखभाल और अन्य दीर्घकालिक वित्तीय सहायता भी शामिल होगी। टाटा संस और एयर इंडिया ने पहले ही मृतकों के परिवारों को ₹1.25 करोड़ की संयुक्त वित्तीय सहायता की घोषणा की थी, और यह नया ट्रस्ट उस समर्थन को और बढ़ाएगा। इस ट्रस्ट का नेतृत्व टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन द्वारा किए जाने की उम्मीद है, और इसमें टाटा समूह के बाहर के सदस्य भी शामिल होंगे ताकि पारदर्शिता और मजबूत प्रशासन सुनिश्चित हो सके। यह पहल 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के बाद इंडियन होटल्स (ताज समूह) द्वारा स्थापित ‘ताज पब्लिक सर्विस वेलफेयर ट्रस्ट’ के समान है, जिसने पीड़ितों को लंबे समय तक सहायता प्रदान की थी।
दुर्घटना के बाद तेजी से बढ़ाए कदम, पुनर्निर्माण और पीड़ितों के पुनर्वास पर विशेष जोर
12 जून को अहमदाबाद में हुई एयर इंडिया की इस दुर्घटना ने एक दशक में सबसे गंभीर विमानन आपदा का रूप ले लिया, जिसमें 271 लोगों की जान चली गई। टाटा समूह ने इस त्रासदी के तुरंत बाद तेजी से प्रतिक्रिया दी। दुर्घटना के तुरंत बाद, टाटा समूह ने मृतकों के परिजनों को ₹1 करोड़ की प्रारंभिक सहायता और घायलों के लिए चिकित्सा खर्च वहन करने की घोषणा की थी। इसके अतिरिक्त, दुर्घटनास्थल पर क्षतिग्रस्त हुए बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल के पुनर्निर्माण में भी समूह सहायता करेगा।
इस ₹500 करोड़ के ट्रस्ट का गठन कानूनी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद किया जाएगा, जिसमें सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट का पंजीकरण और ट्रस्टी बोर्ड का गठन शामिल है। यह कदम पीड़ितों के परिवारों के लिए एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के टाटा समूह के संकल्प को दर्शाता है, जिससे उन्हें इस कठिन समय से उबरने में मदद मिल सके। यह दिखाता है कि कैसे एक कॉर्पोरेट इकाई संकट के समय में सिर्फ व्यावसायिक नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण भी अपना सकती है।

