भारत ने तंबाकू नियंत्रण में रचा इतिहास, WHO और ब्लूमबर्ग ने दिया ये बड़ा सम्मान

नई दिल्ली : को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और ब्लूमबर्ग फिलेंथ्रोपीज़ द्वारा तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में उसके अभूतपूर्व प्रयासों के लिए प्रतिष्ठित ग्लोबल तंबाकू नियंत्रण पुरस्कार (Global Tobacco Control Award) से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान भारत के तंबाकू विरोधी अभियानों और नीतियों की वैश्विक पहचान है, जो देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

 

क्यों मिला यह सम्मान?

भारत को यह पुरस्कार कई महत्वपूर्ण पहलों के लिए दिया गया है, जिन्होंने देश में तंबाकू के उपयोग को कम करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इनमें शामिल हैं:

 

ई-सिगरेट पर प्रतिबंध: भारत सरकार ने 2019 में ई-सिगरेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम (ENDS) के उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण और विज्ञापन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। यह एक साहसिक कदम था जिसका उद्देश्य युवाओं में इन उत्पादों के बढ़ते प्रचलन को रोकना था।

सख्त ग्राफिक स्वास्थ्य चेतावनियाँ: तंबाकू उत्पादों पर बड़ी और स्पष्ट ग्राफिक स्वास्थ्य चेतावनियाँ अनिवार्य करना, जिससे उपयोगकर्ताओं को तंबाकू के खतरों के बारे में शिक्षित किया जा सके।

तंबाकू मुक्त सार्वजनिक स्थान: सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करना, जिससे निष्क्रिय धूम्रपान के संपर्क में आने वाले लोगों की संख्या कम हो सके।

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP): NTCP के तहत चलाए जा रहे जागरूकता अभियान, सामुदायिक हस्तक्षेप और तंबाकू छोड़ने में मदद करने वाली सेवाओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उच्च तंबाकू कर: तंबाकू उत्पादों पर लगाए गए उच्च करों ने भी उनकी पहुंच को कम करने में मदद की है, खासकर युवाओं और कम आय वर्ग के लोगों के लिए।

सम्मान का महत्व

यह वैश्विक पुरस्कार भारत के तंबाकू नियंत्रण प्रयासों को एक नई गति प्रदान करेगा और अन्य देशों के लिए एक प्रेरणा के रूप में कार्य करेगा। यह दर्शाता है कि प्रभावी नीतियों और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ, तंबाकू के उपयोग से होने वाली बीमारियों और मौतों को कम करना संभव है। WHO और ब्लूमबर्ग फिलेंथ्रोपीज़ द्वारा दिया गया यह सम्मान भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। यह उन सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, नीति निर्माताओं और जमीनी स्तर पर काम करने वाले संगठनों के प्रयासों का भी सम्मान है जिन्होंने तंबाकू नियंत्रण के लिए अथक प्रयास किए हैं।

 

आगे की राह

हालांकि यह एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन तंबाकू नियंत्रण की लड़ाई अभी भी जारी है। भारत को अभी भी तंबाकू उद्योग की चुनौतियों का सामना करना है और अपने प्रयासों को और मजबूत करना है। इस पुरस्कार के साथ, भारत अब वैश्विक मंच पर तंबाकू नियंत्रण में एक अग्रणी के रूप में उभरा है, जिससे उसे भविष्य में और अधिक प्रभावी नीतियां बनाने और लागू करने की प्रेरणा मिलेगी।

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