सतना: सतना स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बने साइकिल ट्रैक की प्रासंगिकता पर शुरू से ही सवाल थे लेकिन इसके बन जाने के बाद नगर निगम ने इसकी उपयोगिता के आज तक कोई भी प्रयास नहीं किए।शहर को आधुनिक, पर्यावरण हितैषी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे। इन्हीं दावों में से एक था साइकिल ट्रैक का निर्माण, जिसे हरित परिवहन को बढ़ावा देने और शहरवासियों को स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करने के लिए बनाया गया।
लेकिन सतना के पन्ना नाका से सोहावल तक करीब 5.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया यह साइकिल ट्रैक आज अपनी मूल पहचान खो चुका है। ठेले वालों की अस्थायी दुकानों और वाहनों की पार्किंग ने इस ट्रैक को अराजकता का केंद्र बना दिया है।आलम यह है कि साइकिल चलाने के लिए कम और दोपहिया व चार पहिया वाहनों की पार्किंग के लिए ज्यादा हो रहा है।
पन्ना नाका से सोहावल तक फैले इस ट्रैक के कई हिस्सों में लोग बेरोकटोक अपने वाहन खड़े कर रहे हैं। इसके अलावा, कुछ जगहों पर स्थानीय दुकानदारों ने ट्रैक पर ही अतिक्रमण कर लिया है, जिससे यह पूरी तरह से बेकार हो चुका है। साइकिल ट्रैक के किनारे बने फुटपाथ भी अब ठेले वालों और दुकानदारों की चपेट में हैं।
