नयी दिल्ली, 27 मई (वार्ता) आम आदमी पार्टी (आप) ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली में जिला अध्यक्षों की घोषणा की लेकिन उसमें एक भी पूर्वांचली को शामिल नहीं करना उनका पूर्वांचल विरोधी चेहरा उजागर करता है।
आप के दिल्ली पूर्वांचल मोर्चा के अध्यक्ष अखिलेश पति त्रिपाठी सोमवार को कहा कि भाजपा द्वारा घोषित 14 जिलाध्यक्षों में से एक भी जिलाध्यक्ष पूर्वांचल के व्यक्ति को नहीं बनाया है। आप पहले से ही कहती आई है कि भाजपा पूर्वांचल के लोगों को हीन भावना से देखती रही है। भाजपा पूर्वांचल विरोधी है और सोमवार को अपने 14 जिलाध्यक्षों की घोषणा कर भाजपा ने प्रमाणित भी कर दिया है।
श्री त्रिपाठी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की सरकार पूर्वांचल के लोगों के घरों के पास छठ पूजा का आयोजन कराती थी। छठ पर्व पर छुट्टी की घोषणा करती है। पूर्वांचल के लोगों के बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल बनाने का काम किया। पूर्वांचल के लोगों के अच्छे इलाज के लिए अस्पताल की व्यवस्था की। कच्ची कालोनियों में सबसे ज्यादा पूर्वांचल के लोग रहते हैं। अरविंद केजरीवाल की सरकार ने कच्ची कॉलोनियों में सीवर व पानी की लाइन डालने, सड़कें बनाने का काम किया। ‘‘आप’’ पूर्वांचल के लोगों के चहुंमूखी विकास के लिए दृढ़ संकल्प थी। वहीं, भाजपा द्वारा 14 जिलों का जिलाध्यक्ष बनाए जाना और उसमें पूर्वांचल के लोगों को महत्व नहीं देना, पूर्वांचल के लोगों का अपमान है।
उन्होंने कहा कि यह भाजपा की मानसिकता को दिखाता है कि वह किस तरह से पूर्वांचल के लोगों के साथ भेदभाव करती है। इसे हम एक-एक पूर्वांचल के लोगों तक लेकर जाएंगे। आज भाजपा अपने प्रदेश संगठन में पूर्वांचल के लोगों को जगह देने के लिए तैयार नहीं है और झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे पूर्वांचल के लोगों को बुलडोजर का डर दिखाकर उनमें भय का माहौल बनाया जा रहा है। पूर्वांचल के लोगों को विस्थापित करने का काम किया जा रहा है।
आप के वरिष्ठ नेता ऋतुराज झा ने कहा कि भाजपा को पूर्वांचल के लोगों का वोट तो चाहिए लेकिन पूर्वांचल के लोगों को प्रतिनिधित्व नहीं देना चाहते हैं। भाजपा पूर्वांचल के लोगों को अपने भव्य जिला कार्यालयों में प्रवेश के लायक नहीं समझती हैं।
श्री झा ने कहा कि यह कल्पना से परे है कि भाजपा द्वारा घोषित 14 जिलाध्यक्षों में से एक भी पूर्वांचल से नहीं है। भाजपा ने ऐसा करके साबित कर दिया कि भाजपा पूर्वांचल विरोधी है, पूर्वांचल के लोगों से नफरत करती है, पूर्वांचल के लोगों का वोट चाहिए, लेकिन इनको प्रतिनिधित्व नहीं देना है। भाजपा को बताना चाहिए कि आखिर उसके 14 जिलाध्यक्षों में से एक भी पूर्वांचल का क्यों नहीं है?
