बीजेपी नेता के हत्यारों को नहीं ढूंढ पाईं पुलिस

अंधे कत्ल की गुत्थी अब तक अनसुलझी

जबलपुर: दो नवंबर को खितौला में बीजेपी सिहोरा नगर मंडल के पूर्व अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष सुरेश बर्मन (50) की गोली मारकर की गई हत्या में अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं। मामले में क्राइम ब्रांच से लेकर सायबर सेल और खितौली थाने की अलग-अलग टीम को लगाया गया है। अब तक करीब 70 लोगों से पूछताछ पूछताछ की जा चुकी है उसके बावजूद पुलिस के हाथ खाली है।

हत्यारों पर घोषित हैं 10 हजार का इनाम-
हत्या मामले में एसपी ने 10 हजार का इनाम घोषित किया है। लेकिन अब तक की जांच में पुलिस को ऐसा कोई ठोस क्लू नहीं मिला है, जिससे वह हत्यारों के गिरेबान तक पहुंच सके।
करीबी है कातिल-
अब तक की जांच से ये तो स्पष्ट हो गया है कि हत्या लूट के इरादे नहीं कराई गई है। इसमें किसी करीबी के शामिल होने की आशंका है।
मोबाइल में छुपा हो सकता हत्या का रहस्य-
आरोपी सुरेश की जेब में 4 हजार रुपए होने के बावजूद उसे हाथ नहीं लगाया। हत्या के बाद वे सबसे पहले उसका मोबाइल और फिर बाइक लेकर भागे थे। इससे साफ है कि सुरेश के मोबाइल में ऐसा कुछ था, जो कोई बाहर नहीं आने देना चाहता था। पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर कई लोगों को पूछताछ के लिए उठाया, पर अब तक
अहम क्लू नहीं मिल पाया है।
ये थी घटना
उल्लेखनीय है कि खितौला वार्ड नम्बर-नौ पहरेवा नाका निवासी सुरेश बर्मन की वेल्डिंग की घर में ही दुकान है। वह बीजेपी के वर्तमान में सक्रिय कार्यकता थे।  2 नवंबर की रात 9.30 बजे के लगभग वह घर में पत्नी ज्ञानबाई को बोलकर निकले थे खितौला मोड़ पर पेट्रोल पंप के सामने वह बाइक रोक कर अपने एक दोस्त का इंतजार कर रहे थे। तभी तीन युवक पीछे से आए थे। एक ने इशारे से बदमाशों को सुरेश बर्मन की ओर इशारा किया। इसके बाद दोनों बदमाश एकदम पास पहुंचे और सिर में सटा कर गोली मारी थी। इसके बाद दोनों बाइक व मोबाइल छीन कर फरार हाे गए थे। सुरेश बर्मन की तीन बेटियां अंजना बर्मन (28), निशा बर्मन (25) और पूजा बर्मन (22) हैं। तीनों की शादी हाे चुकी है।
इनका कहना है-
आरोपियों की तलाश जारी है, अब तक करीब 70 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है, फिलहाल कोई सुराग हाथ नहीं लगा हैं, संदेहियों से लगातार पूछताछ जारी है।
जोगित मसराम, खितौला थाना प्रभारी

नव भारत न्यूज

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