इंदौर: शहर के एक फर्नीचर व्यापारी के घर काम करने आया नौकर महज 10 दिन में विश्वास तोड़ते हुए 5 लाख रुपए नकद चुराकर फरार हो गया. घटना के बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की तो सामने आया कि आरोपी ने नौकरी पाने के लिए फर्जी आधार कार्ड और गलत पता दिया था. पलासिया पुलिस ने गुरुवार को आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है.
चोरी की यह वारदात टेलीफोन नगर निवासी दुरैया राजा के घर हुई, जिनके पति शहर के नामी फर्नीचर व्यापारी हैं. दुरैया ने 6 अप्रैल 2025 को ललित नामक युवक को घरेलू काम के लिए रखा था. ललित ने लगभग 10 दिन तक काम किया और 15 अप्रैल को वह रोज़ की तरह सुबह घर आया. उस दिन दुरैया अपने पति के साथ चोइथराम कॉलोनी जाने वाली थीं. उन्होंने ललित को बाथरूम साफ करने को कहा और दोनों पति-पत्नी घर से निकल गए.
जब दुरैया दोपहर करीब 12.50 बजे वापस लौटीं, तो देखा कि घर का सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी से 5 लाख रुपए नकद गायब थे. उन्होंने तुरंत ललित को कॉल किया, लेकिन उसका फोन बंद मिला. पुलिस में शिकायत के बाद जब ललित द्वारा दिए गए पते प्रतापगढ़, राजस्थान पर टीम भेजी गई, तो वहां ऐसा कोई व्यक्ति नहीं मिला. जांच में यह भी सामने आया कि ललित का आधार कार्ड भी फर्जी था.
संभावित ठिकानों पर दबिश
अब पुलिस आरोपी ललित पुत्र रूपलाल दांगी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है. चोरी की यह वारदात शहर में फर्जी दस्तावेजों के सहारे घरेलू मददगार रखने के बढ़ते जोखिमों की ओर भी इशारा करती है. पलासिया पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.
