मुंबई, 07 अप्रैल (वार्ता) निजी क्षेत्र की प्रमुख इस्पात उत्पादक कंपनी टाटा स्टील इंडिया के कच्चे इस्पात का उत्पादन कलिंगनगर में देश के सबसे बड़े ब्लास्ट फर्नेस के चालू होने और नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआईएनएल) में बेहतर उत्पादन की बदौलत 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी लेकर 2.18 करोड़ टन तक पहुंच गया
कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को बताया कि हालांकि चौथी तिमाही में उसका उत्पादन 55.1 लाख टन रहा, जो कि जमशेदपुर स्थित “जी” ब्लास्ट फर्नेस की मरम्मत के कारण थोड़ा कम रहा लेकिन पूरे वर्ष के आंकड़ों ने कंपनी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।
उसने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में टाटा स्टील की घरेलू डिलीवरी 4.4 प्रतिशत बढ़कर 1.97 करोड़ टन पर पहुंच गई, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्तर है। चौथी तिमाही में डिलीवरी छह प्रतिशत की तिमाही बढ़ोतरी के साथ 56 लाख टन रही, जिसे घरेलू मांग में नौ प्रतिशत की बढ़त ने गति दी।
कंपनी ने बताया कि वर्ष भर में डिलीवरी 31 लाख टन रही। चौथी तिमाही में 10 प्रतिशत की तेज तिमाही वृद्धि हुई और टाटा स्टील भारत की पहली कंपनी बनी, जिसने ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए हाई-स्ट्रेंथ ग्रेड सीपी780 का स्थानीयकरण किया। डिलीवरी सात प्रतिशत बढ़कर 70 लाख टन हुई। प्रमुख ब्रांड ‘टाटा टिस्कॉन’ ने 24 लाख टन और एसएमई केंद्रित ब्रांड ‘टाटा एस्ट्रम’ और ‘टाटा स्टीलियम’ ने मिलकर 38 लाख टन की डिलीवरी दर्ज की, दोनों ही अब तक के सर्वश्रेष्ठ वार्षिक आंकड़े हैं।
टाटा स्टील ने बताया कि वर्ष भर में 73 लाख टन की डिलीवरी दर्ज की गई, जो इंजीनियरिंग और रेडी-टू-यूज समाधान खंडों की मजबूत मांग का परिणाम है। वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में आईपीपी डिलीवरी में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। कंपनी का ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ‘आशियाना’ ने समाप्त वित्त वर्ष में 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 3550 करोड़ रुपये राजस्व हासिल किया।
कंपनी ने अपनी विदेशी इकाइयों के प्रदर्शन के बारे में बताया कि उसकी नीदरलैंड की इकाई ने 67 लाख टन उत्पादन और 62 लाख टन डिलीवरी दर्ज की जबकि ब्रिटेन की इकाई ने परिचालन बदलावों के बावजूद 25 लाख टन डिलीवरी के साथ संतुलित प्रदर्शन किया।
