नयी दिल्ली 04 जनवरी (वार्ता) केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि देश में श्वसन संबंधी बीमारियों में किसी तरह का उछाल नहीं है और स्वास्थ्य देखभाल सेवा तंत्र किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
मंत्रालय ने यहां देर शाम बताया कि स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशालय की अध्यक्षता में संयुक्त निगरानी समूह की बैठक बुलाई गयी। बैठक में पिछले कुछ सप्ताह में चीन में सांस संबंधी बीमारियों के बढ़ते मामलों की रिपोर्ट के मद्देनजर
भारत में इसके प्रभाव और इससे निपटने की तैयारी का आकलन किया गया।
बैठक में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), आपदा प्रबंधन (डीएम) प्रकोष्ठ, एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी), राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), आपातकालीन चिकित्सा राहत (ईएमआर) प्रभाग और दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान
सहित कई अस्पतालों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। बैठक में मौजूदा स्थिति पर गहन विचार विमर्श किया गया।
बैठक में कहा गया कि चीन में चल रहे फ्लू के मौसम को देखते हुए स्थिति असामान्य नहीं है। मौजूदा उछाल का कारण इन्फ्लूएंजा वायरस, आरएसवी और एचएमपीवी है। ये इस मौसम में होने वाले सामान्य रोग हैं।
बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार सभी उपलब्ध माध्यमों से स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और विश्व स्वास्थ्य संगठन से भी चीन की स्थिति के बारे में समय पर अद्यतन जानकारी साझा करने का अनुरोध किया गया है।
ये वायरस भारत सहित विश्व भर में पहले से ही प्रचलन में हैं। देश में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी और इन्फ्लूएंजा के लिए गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी के लिए एक मजबूत निगरानी प्रणाली पहले से ही आईसीएमआर और आईडीएसपी नेटवर्क दोनों के माध्यम से मौजूद है। दोनों के आंकड़ों से पता चलता है कि ऐसे मामलों में कोई असामान्य वृद्धि नहीं हुई है।
अस्पतालों के चिकित्सकों ने भी पुष्टि की है कि मौसमी बदलाव के अलावा पिछले कुछ सप्ताहों में श्वसन संबंधी बीमारियों के मामलों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।
आईसीएमआर नेटवर्क अन्य श्वसन वायरस जैसे एडेनोवायरस, आरएसवी, एचएमपीवी आदि के लिए भी परीक्षण करता है और परीक्षण किए गए नमूनों में असामान्य वृद्धि नहीं दिखाते हैं।
