गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा पहुंचे महाकाल, चंबल में आये जलप्रलय को शांत करने की कामना की

राहुल गांधी, दिग्विजयसिंह, कमलनाथ पर किया कटाक्ष

उज्जैन:  शुक्रवार को प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा अल्प प्रवास पर उज्जैन आए। उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन कर ग्वालियर चंबल संभाग में हो रहे जल प्रलय को शांत करने की भगवान महाकाल से प्रार्थना की । उन्होंने मीडिया के प्रश्नों का जवाब देते हुए राहुल गांधी, दिग्विजय सिंह और कमलनाथ पर भी तीखे प्रहार किए। अपने तय शेड्यूल से देर से पहुंचे गृह मंत्री श्री मिश्रा ने आम दर्शनार्थियों की रेलिंग में बैठकर भगवान महाकाल से प्रार्थना करते हुए पूजा पाठ संपन्न कराई।

उनका पूजन अर्चन पुरोहित सत्यनारायण जोशी द्वारा करवाया गया। पश्चात श्री मिश्रा मंदिर प्रांगण स्थित सिद्धिविनायक मंदिर गए। यहां पर उन्होंने हाथ में कलावा बंधवा कर पूजा पाठ किया और पुजारी चम्मू गुरु से आशीर्वाद प्राप्त किया। पश्चात नवग्रह मंदिर पर भी उन्होंने भगवान शनि देव को जल अर्पण कर पूजन अर्चन की प्रक्रिया को संपन्न कराया।

बाढ़ उतरने के बाद आयेंगे राहुल गांधी
मीडिया के प्रश्नों का जवाब देते हुए गृहमंत्री श्री मिश्रा ने कहा कि ग्वालियर चंबल संभाग में आ रहे जल प्रलय की गंगा को शांत करने कि भगवान महाकाल से प्रार्थना की है। मुझे लगा है कि उन्होंने मेरी बात स्वीकार कर ली है। उन्होंने कहा कि प्रतिपक्ष के नेताओं के कहने करने में अंतर है। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में एकाध बार दिग्विजय, कमलनाथ को भी भेज दे तो अच्छा लगेगा। ऐसी बातें करना अच्छा नहीं है। एक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं। यह जानबूझकर किया गया कृत्य है। दिग्विजय सिंह हर अच्छी बात का विरोध करते हैं।

गैंगरेप के मामले में जांच के आदेश हो गए हैं। ऐसे लोगों को कठोर दंड दिया जाएगा। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में पानी उतर जाएगा तो प्रतिपक्ष के नेता दौरे पर आयेंगे। बाढ़ में तो आएंगे नहीं, राहुल गांधी पर अप्रत्यक्ष रूप से पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि वह कोरोना के दौर में अस्पताल में गरीब का अनाज बांट नहीं सकते। प्रेस लेंगे ट्वीट करेंगे यही उनकी प्रक्रिया है। गैंगरेप वाले मामले में उन्होंने कहा कि प्रारंभ प्रक्रिया गृह विभाग विधि कैबिनेट के बाद विधानसभा भेजी जाएगी। प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक होगी तो विकास आगे बढ़ेगा। भ्रष्टाचार अलग है और यौन शोषण अलग बात है।


गृह मंत्री श्री मिश्रा जिस समय आम दर्शनार्थियों की रेलिंग में बैठकर भगवान महाकाल की पूजा अर्चना कर रहे थे, उस दौरान उनके समीप खड़े कई समर्थक मुंह पर मास्क नहीं लगाए हुए थे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तो कहना व्यर्थ है। पूजन के दौरान वहां पर मौजूद कुछ पंडे-पुजारी भी मुंह पर मास्क का पालन नहीं करते हुए देखे गए। ऐसे में कोरोना संक्रमण से प्रदेश कैसे निपटेगा यह प्रश्न आम लोगों के समक्ष खड़ा हो गया है।

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