केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 केवल आय-व्यय का वार्षिक लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह ‘विकसित भारत’ के संकल्प को जमीन पर उतारने का एक ठोस प्रयास भी है. इस बजट में मध्य प्रदेश को विशेष महत्व मिलना इसलिए भी अहम है क्योंकि यह राज्य भौगोलिक, […]
संपादकीय
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भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में जो टिप्पणी और आदेश दिया, वह केवल मेटा और व्हाट्सएप के लिए चेतावनी नहीं है, बल्कि समूची बड़ी तकनीकी कंपनियों की संस्कृति के लिए एक स्पष्ट संदेश है. भारत कोई डिजिटल उपनिवेश नहीं है. यहां कारोबार करने का अधिकार तभी है, जब […]
भारत आज विश्व मंच पर केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि नीति, नीयत और नेतृत्व के दम पर निर्णायक भूमिका निभाने वाला राष्ट्र बन चुका है. भारत-अमेरिका ट्रेड डील 2026 इसी बदलते वैश्विक समीकरण का सबसे ठोस प्रमाण है. यह समझौता किसी एक देश की रियायत नहीं, बल्कि भारत की […]
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 केवल आय-व्यय का वार्षिक लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह ‘विकसित भारत’ के संकल्प को जमीन पर उतारने का एक ठोस प्रयास भी है. इस बजट में मध्य प्रदेश को विशेष महत्व मिलना इसलिए भी अहम है क्योंकि यह राज्य भौगोलिक, […]
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 केवल वार्षिक आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर बढ़ता एक व्यावहारिक और दूरदर्शी आर्थिक रोडमैप है. वैश्विक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनावों और घरेलू अपेक्षाओं के बीच यह बजट संतुलन, निरंतरता और भविष्य उन्मुख सोच का […]
उच्च शिक्षा केवल डिग्रियों का कारखाना नहीं होती, बल्कि वह समाज की चेतना, समानता और राष्ट्रीय एकता का दर्पण भी होती है. ऐसे में यदि उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े नियम ही समाज को बांटने की आशंका पैदा करने लगें, तो न्यायपालिका का हस्तक्षेप न केवल आवश्यक बल्कि अनिवार्य हो […]
गुरुवार को संसद में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 केवल आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह भारत की आर्थिक यात्रा का आत्मविश्वास से भरा बयान भी है. 1 फरवरी को आने वाले केंद्रीय बजट से ठीक पहले पेश किया गया यह सर्वेक्षण सरकार की प्राथमिकताओं, चुनौतियों और दीर्घकालिक दृष्टि को […]
अठारह वर्षों की लंबी कूटनीतिक प्रतीक्षा, असंख्य दौर की वार्ताओं और बदलते वैश्विक समीकरणों के बाद मंगलवार को भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते का संपन्न होना केवल एक आर्थिक घटना नहीं है, बल्कि इक्कीसवीं सदी की वैश्विक शक्ति-संतुलन राजनीति में एक निर्णायक मोड़ भी है. प्रधानमंत्री […]
किसी भी देश के गणतंत्र का 77 वां गणतंत्र दिवस इस बात के लिए अत्यंत अहम रहता है कि लोकतांत्रिक और गणतांत्रिक मूल्यों को किस तरह आत्मसात किया जा रहा है. देश में गण की आवाज में जनता के सुर किस तरह मिल रहे हैं और तंत्र इन संयुक्त सुरों […]
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) 2026 के मंच से जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश को ‘रणनीतिक निवेश केंद्र’ के रूप में प्रस्तुत किया, तो यह केवल एक औपचारिक भाषण नहीं था, बल्कि राज्य की बदली हुई आर्थिक आत्मविश्वास का उद्घोष था. दावोस जैसे वैश्विक मंच पर मध्य प्रदेश […]