भुवनेश्वर, (वार्ता) ओडिशा में जन्मे प्रख्यात न्यूरोसर्जन एवं ‘शिक्षा ‘ओ’ अनुसंधान’ (एसओए) डीम्ड विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति, प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार महापात्रा का सोमवार रात नयी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स ) में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे।
दुनिया के प्रमुख न्यूरोसर्जनों में से एक माने जाने वाले प्रो. महापात्रा ‘ग्लियोब्लास्टोमा’ से ग्रसित थे। ‘ग्लियोब्लास्टोमा’ दिमागी कैंसर का एक गंभीर रूप है। बेहतर इलाज के लिए उन्हें 27 सितंबर को एयरलिफ्ट करके नयी दिल्ली के एम्स लाया गया था, जहाँ पांच अक्टूबर को उनकी सर्जरी हुई। प्रो. महापात्रा का करियर कई दशकों तक रहा, जिसके दौरान उन्होंने भारत में न्यूरोसर्जरी और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने नयी दिल्ली के एम्स में न्यूरोसर्जरी विभाग का नेतृत्व किया था और लखनऊ स्थित संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआईएमएस) के निदेशक के रूप में भी काम किया था। ओडिशा के स्वास्थ्य सेवा ढांचे में उनका योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।
उन्होंने एम्स भुवनेश्वर की स्थापना में अहम भूमिका निभायी और इसके पहले निदेशक के रूप में नियुक्त हुए, जिससे राज्य के इस प्रमुख चिकित्सा संस्थान की नींव रखने में मदद मिली।
