ग्वालियर: गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के ओल्ड ऑडिटोरियम में एनाटॉमिका एमपी-सीजीकॉन 2026 की नेशनल कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ हुआ। एनाटॉमी की इस चौथी वार्षिक राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस में विभिन्न शहरों से आए 200 से अधिक चिकित्सकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने चिकित्सा शिक्षा, सर्जिकल एनाटॉमी और आधुनिक तकनीक के क्लीनिकल उपयोग जैसे विषयों पर व्याख्यान दिए। साथ ही पीजी विद्यार्थियों और फैकल्टी सदस्यों के ओरल एवं पोस्टर प्रेजेंटेशन भी हुए।
कार्यक्रम में कैंसर हॉस्पिटल के संचालक डॉ. बीआर श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि अध्यक्षता जीआरएमसी के अधिष्ठाता डॉ. आरकेएस धाकड़ ने की। मुख्य अतिथि डॉ. श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में स्वर्गीय डॉ. बीडी चौरसिया को याद करते हुए कहा कि वह उनके विद्यार्थी रहे हैं। डॉ. चौरसिया अपने काम के प्रति समर्पित रहते थे और उनकी कार्यशैली प्रेरणादायक थी।
डीन डॉ. धाकड़ ने कहा कि स्वर्गीय डॉ. चौरसिया के द्वारा सबसे पहली लिखी हुई किताब बाजार में आनी चाहिए, क्योंकि वह किताब काफी आसान भाषा में लिखी गई थी और उसमें उनके द्वारा लाइन डायग्राम बनाए गए थे। इसलिए उसे फिर से बाजार में छात्रों के लिए लेकर आना चाहिए। डॉ. चौरसिया का नाम चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बहुत बड़ा है और उनके योगदान को आगे बढ़ाना जरूरी है। डॉ. एसके शर्मा ने भी स्व. डॉ. चौरसिया के साथ अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि डॉ. चौरसिया लाइन डायग्राम बनाकर पढ़ाते थे और अनुशासन के प्रति बेहद गंभीर रहते थे। उन्होंने उनके जीवन परिचय पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में अध्यक्ष डॉ. सुधीर सक्सेना, सचिव डॉ. अखिलेश त्रिवेदी, सह-सचिव डॉ. मनीष चतुर्वेदी और डॉ. अनिल सत्या सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे। कॉन्फ्रेंस का आयोजन एनाटॉमिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ चैप्टर के अंतर्गत किया जा रहा है।
विशेषज्ञों ने दिए व्याख्यान
कॉन्फ्रेंस में डॉ. सीमा नायर और डॉ. नेहा राय ने महिला श्रोणि के रक्तवाहिका-विहीन स्थानों की संरचना, सर्जरी में उनकी प्रासंगिकता और क्लीनिकल उपयोग पर व्याख्यान दिया। डॉ. अजय हलदर ने प्रसूति संबंधी सर्जरी में उपयोगी रेट्रोपेरिटोनियल पेल्विक वैस्कुलर एनाटॉमी पर जानकारी दी।
